अब शाइन सिटी के जालसाज निशाने पर:कंपनी के दोनों मालिक 2018 में नेपाल के रास्ते दुबई भाग गए थे, पुलिस 10 सहयोगियों की वाराणसी में कर रही तलाश

वाराणसी4 महीने पहले
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राशिद नसीम के ऊपर 75 हजार का इनाम रखा गया है। - Dainik Bhaskar
राशिद नसीम के ऊपर 75 हजार का इनाम रखा गया है।

जमीन व गोल्ड में निवेश और टूर पैकेज के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले नीलगिरी इंफ्रॉसिटी कंपनी के संचालकों पर कार्रवाई के बाद वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस इस तरह के जालसाजों को लेकर सख्त हुई है। पुलिस अब प्लॉट, मकान व कार दिलाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से अरबों रुपए ठगने वाली शाइन सिटी कंपनी के मालिकों के वाराणसी के 10 सहयोगियों को चिह्नित कर धरपकड़ शुरू करेगी।

पुलिस कमिश्नर (CP) ने थानेदारों को दो टूक कहा है कि इस प्रकरण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कैंट थाने में 32 मुकदमे दर्ज

प्रयागराज के मूल निवासी शाइन सिटी कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम और एमडी आसिफ नसीम ने सेंट्रल जेल रोड पर कार्यालय खोल रखा था। दोनों भाइयों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सिर्फ कैंट थाने में 32 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा रोहनिया, शिवपुर, मंडुवाडीह और रामनगर सहित अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

राशिद और आसिफ पर वाराणसी और लखनऊ की पुलिस की ओर से 75-75 हजार रुपए का इनाम घोषित है। पुलिस का कहना है कि साल 2018 में दोनों नेपाल के रास्ते दुबई भाग गए थे और तब से वापस नहीं लौटे। शाइन सिटी के धोखाधड़ी प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है, लेकिन पुलिस अपने स्तर से भी अब जालसाजों पर शिकंजा कसेगी।

75 हजार का इनामी आसिफ नसीम।
75 हजार का इनामी आसिफ नसीम।

2020 में पकड़ा गया था अमिताभ

शाइन सिटी कंपनी के एक डायरेक्टर लक्सा क्षेत्र निवासी अमिताभ श्रीवास्तव को कैंट थाने की पुलिस ने 17 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली के बसंतकुंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। अमिताभ ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि राशद और आसिफ दुबई में रहते हैं। दोनों भाई सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म के माध्यम से अपने करीबियों के संपर्क में रहते हैं।

दोनों भाइयों के देश लौटने की उम्मीद ना के बराबर है। अमिताभ को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस राशिद और आसिफ के वाराणसी निवासी किसी अन्य सहयोगी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। ऐसे में पुलिस कमिश्नर की सख्ती के बाद एक बार फिर पीड़ितों को न्याय की आस जगी है।

17 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया अमिताभ श्रीवास्तव। (पीछे की पंक्ति में काले रंग की शर्ट में)
17 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया अमिताभ श्रीवास्तव। (पीछे की पंक्ति में काले रंग की शर्ट में)

2 या इससे अधिक मुकदमे वालों को चिह्नित करें

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने थानेदारों को यह भी निर्देश दिया है कि जमीन की खरीद-बिक्री के संबंध में कमिश्नरेट के थानों में जिनके खिलाफ भी 2 या इससे अधिक मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें चिह्नित करें। उनकी अलग से सूची बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

ऐसे लोगों के खिलाफ सिर्फ मुकदमा दर्ज करने तक ही पुलिस सीमित न रह जाए, बल्कि उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो और जल्द से जल्द विवेचना पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाए। इस संबंध में जिस किसी भी थाना प्रभारी की लापरवाही उजागर होगी, वह खुद पर कार्रवाई तय मान कर चले।

कार्रवाई के लिए 7 विभागों की मदद लें

जमीन और मकान के खिलाफ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस कमिश्नर ने 7 विभागों का सहयोग लेने के लिए थानेदारों को कहा है। इनमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज,आरटीओ, बैंक, वीडीए और राजस्व विभाग शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सभी विभागों के इनपुट के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी तो ऐसे जालसाजों का अदालत में बच पाना असंभव होगा।

6 कंपनियां हैं पुलिस के रडार पर

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर की 6 कंपनियां रडार पर हैं। इनमें भी खासतौर से लंका, मंडुवाडीह, रामनगर, शिवपुर, चितईपुर, कैंट और सारनाथ थाना क्षेत्र में प्लाटिंग या हाउसिंग प्रोजेक्ट डेवलेप करने वालों पर हमारी विशेष नजर है। अभी किसी कंपनी का नाम नहीं सार्वजनिक किया जाएगा, लेकिन पुलिस सभी की कुंडली गोपनीय तरीके से खंगालना शुरू कर दी है।

जो कंपनियां आमजन के साथ धोखाधड़ी में लिप्त मिलेंगी, उन सभी के कर्ताधर्ता कार्रवाई की जद में आएंगे। शाइन सिटी कंपनी के संचालकों के वाराणसी निवासी सहयोगियों के खिलाफ पुलिस विशेष अभियान चला कर कार्रवाई करेगी। जो भी लोग जनता के पैसे हड़पे हैं, वह जेल जाने से बच नहीं पाएंगे।

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