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बेचता था बिरयानी करता था जालसाजी:वाराणसी में फ्रॉड करने वाला दिल्ली में धराया, रहने वाला है आजमगढ़ का; जालसाज को पुलिस ने पकड़ा उसके ही फंडे से

वाराणसी17 दिन पहले
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दिल्ली से पकड़ा गया जालसाजी का आरोपी हेमंत कुमार मौर्य। - Dainik Bhaskar
दिल्ली से पकड़ा गया जालसाजी का आरोपी हेमंत कुमार मौर्य।

वाराणसी में बिरयानी का रेस्टोरेंट खोलकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपए हड़पने वाले जालसाज को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी को आज वाराणसी की अदालत में पेश कर पुलिस उसकी कस्टडी रिमांड मांगेगी। इसके बाद उससे विस्तार से पूछताछ कर उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पुलिस पहुंचने का प्रयास करेगी।

BHU के हैदराबाद गेट के समीप खोला था BHQ

आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना अंतर्गत बिटकाशो गांव का मूल निवासी हेमंत कुमार मौर्य वाराणसी में 2018 में BHU के हैदराबाद गेट के समीप बिरयानी हेडक्वार्टर (BHQ) नाम से रेस्टोरेंट खोल रखा था। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश से भगवानपुर निवासी राजबहादुर ने 5 सितंबर को शिकायत की कि 2018 में वह हेमंत से मिला था। हेमंत ने उसे दिल्ली सचिवालय में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 7 लाख रुपए ऐंठे। इसी तरह से वह अन्य बेरोजगार युवकों को भी अपना निशाना बनाया।

नौकरी नहीं मिली तो राज बहादुर और अन्य युवकों ने हेमंत से अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया। लंबे समय तक हेमंत पैसे लौटाने के लिए आश्वस्त करता रहा। एक दिन पता लगा कि वह अपना रेस्टोरेंट बंद कर भाग गया है। काफी खोजबीन के बाद भी जब हेमंत का कहीं पता नहीं लगा तो राज बहादुर ने पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई।

नौकरी की बात फोन पर तय कर पुलिस ने पकड़ा

राज बहादुर की शिकायत के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने लंका थाने में हेमंत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और उसकी धरपकड़ के लिए चितईपुर चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की। राज बहादुर द्वारा दिए गए हेमंत के मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया गया तो पता लगा कि वह दिल्ली में है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर दरोगा अर्जुन सिंह अपनी टीम के साथ बुधवार को दिल्ली रवाना हुए और हेमंत से नौकरी लगवाने की बात शुरू किए।

दो दिन में लगभग 8 से 10 बार हुई बातचीत में हेमंत को लगा कि अर्जुन सिंह उसके झांसे में आ गए हैं। इसके बाद गुरुवार को हेमंत ने अर्जुन सिंह को दिल्ली के द्वारिका इलाके में बातचीत तय करने के लिए बुलाया और वह पकड़ा गया। पुलिस हेमंत को लेकर रात में ही वाराणसी के लिए निकल ली।

बचपन से ही रहता था दिल्ली में

हेमंत ने प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके पिता और ताऊ दिल्ली में सेंट्रलाइज्ड एयरकंडीशन इंस्टॉलेशन का काम करते थे। इस वजह से वह बचपन से ही दिल्ली में रहता था। रेस्टोरेंट खोल कर बिजनेस करने के उद्देश्य से वह वाराणसी आया। फिर उसके दिमाग में आया कि कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लिए क्यों न फ्रॉड किया जाए। जो भी पैसा आएगा उसे समेट कर वह वापस दिल्ली चला जाएगा और वहां उसे कोई खोज नहीं पाएगा।

इसके बाद वह रेस्टोरेंट में आने वाले युवाओं से खुद ही सरकारी नौकरी का जिक्र करता था और जो उसकी बातों के झांसे में आ जाता था उसे अपना शिकार बनाता था। हालांकि हेमंत ने पुलिस को यह नहीं बताया कि उसने कितने लोगों के साथ जालसाजी की है। इसलिए पुलिस अब उसे अदालत से उसकी कस्टडी रिमांड मांग कर नए सिरे से पूछताछ करने की तैयारी में है।

पुलिस कमिश्नर की आमजन से अपील

  • जो भी लोग हेमंत के फ्रॉड का शिकार हुए हों वह लंका थाने जाकर तहरीर देकर अपना मुकदमा दर्ज कराएं।
  • सरकारी नौकरी दिलाने का कोई कितना भी दावा कर ले, कभी उसके झांसे में न आएं।
  • सरकारी नौकरी या लोन दिलाने या अन्य किसी माध्यम से फ्रॉड करने वालों की जिसके पास भी जानकारी हो, वह गोपनीय तरीके से पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बता सकते हैं। सूचना सही होनी चाहिए। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा।
  • हमारी अपनी सतर्कता ही जालसाजों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।
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