कोविड पॉजिटिव मां का बच्चा संक्रमित हो, जरूरी नहीं:वाराणसी के जिला महिला अस्पताल की विशेषज्ञ बोलीं- अस्पताल में ही कराएं प्रसव

वाराणसी4 महीने पहले
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डॉ. मधुलिका पांडेय। - Dainik Bhaskar
डॉ. मधुलिका पांडेय।

यह जरूरी नहीं है कि कोविड पॉजिटिव गर्भवती मां का शिशु भी संक्रमित होगा। खासतौर से जब तक कि वह गर्भ में है, ज्यादा सुरक्षित है। हां, प्रसव के बाद प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर कोविड संक्रमित होने की पूरी आशंका रहती है। यह जानकारी वाराणसी के जिला महिला अस्पताल की वरिष्ठ परामर्शदाता एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका पांडेय ने शुक्रवार को दी।

डॉ. मधुलिका ने कहा कि कोविड संक्रमण आजकल बहुत तेजी बढ़ रहा है। यदि कोई महिला गर्भवती हैं और कोविड पॉजिटिव हैं या रह चुकी हैं तो कोविड को लेकर कतई न घबराएं। कोविड जैसी संक्रामक बीमारी से बचने के लिए बस जागरूक, सचेत और सतर्क रहें। सदैव अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें और उनके सुझाव का पालन करें।

चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श लें

डॉ. मधुलिका ने कहा कि गर्भवती माहिलाएं अनावश्यक अस्पताल में न आएं। कोशिश करें कि चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श लें। गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य के मुकाबले कम होती है। इसलिए गर्भवती महिलाएं अपने व बच्चे के भविष्य के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान दें। कुछ भी छूने के बाद 40 सेकंड तक साबुन से हाथ धो लें और मास्क लगाए रखें।

स्तनपान हर हाल में कराना है

डॉ. पांडेय ने बताया कि यदि मां कोविड पॉजिटिव हैं या रह चुकी हैं तब भी उनको स्तनपान कराना है। बस साफ-सफाई का ध्यान देते हुए मास्क लगाकर ही स्तनपान कराना है। यह भी ध्यान रखें कि बच्चे के ऊपर किसी प्रकार की छींक या खांसी की ड्रॉपलेट न जाए। जनपद में कोविड अस्पताल संचालित हैं। साथ ही सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करें।

कोविड पॉजिटिव महिलाओं को प्रसव के लिए सर सुन्दर लाल चिकित्सालय (बीएचयू) को नामित किया गया है। कोविड पॉजिटिव गर्भवती को वहां तक ले जाने की भी व्यवस्था है।

गर्भवती महिलाएं क्या करें

  • नियमित कोविड प्रोटोकॉल अपनाएं।
  • अकेले रोज धूप में बैठें।
  • बाजार के पके हुए आहार का सेवन न करें।
  • बाहर से आया सामान सैनिटाइज करें।
  • बाहर से लाए सामान को 3 दिन बाद ही उपयोग में लाएं।
  • अति आवश्यक स्थिति में ही घर से बाहर निकलें।
  • अनावश्यक अस्पताल न जाएं।
  • जांच वगैरह के लिए संभव हो तो घर पर से ही सैंपल दें।
  • नकारात्मक चर्चा में शामिल न हों।
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