नीलगिरी इंफ्रॉसिटी के कर्ताधर्ताओं पर गैंगस्टर लगा:वाराणसी और अलग-अलग प्रदेशों के लोगों के करोड़ों रुपए हड़पने का है आरोप, CMD सहित 4 बंद हैं जेल में

वाराणसी7 महीने पहले
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वाराणसी की जिला जेल में बंद विकास सिंह और रितु सिंह। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
वाराणसी की जिला जेल में बंद विकास सिंह और रितु सिंह। (फाइल फोटो)

प्लॉट व मकान बेचने सोने में निवेश कराने और टूर पैकेज के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपए हड़पने के आरोपी नीलगिरी इंफ्रॉसिटी कंपनी के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ गुरुवार को वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। चेतगंज थाने में कंपनी के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) विकास सिंह व उसकी पत्नी मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) रितु सिंह, मैनेजर प्रदीप यादव और पलाश मिश्रा के खिलाफ पुलिस की ओर से गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल चारों आरोपी वाराणसी की जिला जेल में बंद है।

विकास और रितु पर दर्ज हैं 50 से ज्यादा केस

महमूरगंज क्षेत्र की महाराजा नगर कॉलोनी के सौभाग्य लक्ष्मी विला में रहने वाले विकास सिंह और उसकी पत्नी रितु सिंह पर धोखाधड़ी और छल सहित अन्य आरोपों में चेतगंज सहित अन्य थानों में 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। जद्दूमंडी मीरबाग निवासी प्रदीप यादव और पलास मिश्रा भी विकास और रितु के खिलाफ दर्ज ज्यादातर मुकदमों में सह आरोपी हैं। विकास, रितु और प्रदीप को बीती 30 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद पलाश गिरफ्तार किया गया था।

नीलगिरी कंपनी के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश द्वारा विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से नीलगिरी इंफ्रॉसिटी कंपनी के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ अलग से जांच की जा रही है।

ए. सतीश गणेश, पुलिस कमिश्नर।
ए. सतीश गणेश, पुलिस कमिश्नर।

गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जाएंगी संपत्तियां

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि नीलगिरी इंफ्रॉसिटी के खिलाफ वाराणसी सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के अलावा गैर प्रांतों के लोगों ने भी मुकदमे दर्ज कराए हैं। इस कंपनी के संचालकों पर लोगों के करोड़ों रुपए हड़पने के आरोप हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत अब विकास, रितु, पंकज और पलाश द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। धोखाधड़ी के काम में इन चारों की जिन अन्य लोगों ने मदद की है वह भी हर हाल में कानूनी कार्रवाई की जद में आएंगे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्र कर लिया है। अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर पुलिस आरोपियों को कठोर सजा दिलाएगी।