अंदर लोकार्पण और बाहर लाखों की चोरी:श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में आधा दर्जन आमंत्रित लोगों के साथ चोरी; बंगलुरु से आई महिला का मंगलसूत्र खींचा

वाराणसीएक महीने पहले
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बंगलुरु से अपने पति के साथ आई शांता का मंगलसूत्र श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट से एक चाेर ने खींच लिया। - Dainik Bhaskar
बंगलुरु से अपने पति के साथ आई शांता का मंगलसूत्र श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट से एक चाेर ने खींच लिया।

वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लाेकार्पण चल रहा था, वहीं मंदिर के बाहर लाखों की चोरी हो गई। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आमंत्रित लोगों के साथ यह घटना घटी, जो क दूसरे प्रदेशों से भी आए थे। ज्ञानवापी के मुख्य गेट पर SPG, CRPF और 12 जिलों की पुलिस तैनात थी, इसके बावजूद चोरों की टीम लोगों की जेबे और गले की चेन काटने में मस्त थी। उन्होंने 3 लोगों की जेबे काट ली और आधा दर्जन लोगों के मंगल सूत्र और चेन खींच लिए। कल बाबा के दर्शन को आए दूसरे राज्यों के भी लोग इसके शिकार हुए। इस दौरान पुलिस ने 1 चोर को रंगे हाथों पकड़ा मगर उसके पास से कोई सामान या नकदी नहीं मिले।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर चोरों और जेबकतरों का खौफ रहा।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर चोरों और जेबकतरों का खौफ रहा।

बंगलुरु से आई एक महिला शांता चेन स्नेचिंग की शिकार हो गई। ज्ञानवापी मुख्य द्वार गेट नंबर 4 पर पुलिस बलों ने उनके साथ धक्कामुक्की और पीछे से आकर एक व्यक्ति ने चेन खींच लिया। हालांकि पुलिस ने एक चेन स्नेचर पकड़ा और उसे लेकर चौक थाने की ओर बढ़े। 2 महीना पहले बंगलुरु से अपने पति के साथ बुकिंग कराकर वह महिला 7 दिन के प्रवास पर बनारस आई थी। उसने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था यहां और बेहतर होनी चाहिए। यहां पर बाबा का धाम है इसलिए मेरे मन में बनारस को लेकर कोई गलत विचार नहीं है। बाहर भी हम अच्छा ही संदेश देंगे। ​​​​​​

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर जबरदस्त धक्कामुक्की हुई, इसी दौरान कई लोगों की जेबें कटीं।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर जबरदस्त धक्कामुक्की हुई, इसी दौरान कई लोगों की जेबें कटीं।

चोर के पीछे भागे लोग
शांता और उनके पति चोर के पीछे-पीछे भागते हुए चौक थाने पर पहुंचे जहां पर चोर मौजूद था। थाने पर जब दैनिक भास्कर की टीम पहुंची तो देखा कि वहां पर पहले से ही आधा दर्जन लोग चेन स्नेचिंग और पॉकेटमारी की चोरी के शिकार थे। ये सारे लाेग अपनी शिकायत दर्ज कराने आए थे। पुलिस को दबाव पड़ा तो शिकायत लिखी गई और चोर को पकड़ने का सिलसिला आगे बढ़ा।

भीड़ को नियंत्रित करती पुलिस।
भीड़ को नियंत्रित करती पुलिस।

महानगर अध्यक्ष भी हुए चोरी के शिकार

बनारस के मधूसूदन दास की सिकड़ी चोर ने भीड़ में ही नोच ली थी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने बनारस का सौभाग्य है कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ। मगर पुलिस का रवैया बेहद निंदनीय है। उनका पर्स इस भीड़ में चोरी हो गया। वहीं, आमंत्रित लोगों के साथ धक्कामुक्की कर भगाया जा रहा है। यह सब चीजें काशी के अनुरूप नहीं है। इस व्यवस्था में सरकार को सुधार करना ही होगा।

चौक क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही उसके बावजूद चोरी की घटना घटी।
चौक क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही उसके बावजूद चोरी की घटना घटी।

विरासत धवस्त करके आधुनिक करना विकास नहीं कहलाता
बाबा धाम के लोकार्पण से ठीक पहले कई लोगों ने असमतियां भी जताईं। मंदिर के पास के इलाके नीचीबाग के निवासी अभिषेक सिंह ने कहा कि लाखों लोगों के साथ गलत हुआ है। विरासत को धवस्त कर आधुनिकता का मिसाल कायम करना विकास नहीं कहलाता है। बताया कि मुआवजा भले ही लोगों को खूब मिला है मगर यह संस्कृति के साथ खिलवाड़ हो रहा है।