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वाराणसी में पुलिस मुखबिरों का आतंक:क्राइम ब्रांच का सिपाही बताकर की थी लूटपाट, पूर्व IPS की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस; तीनों आरोपी दबोचे गए

वाराणसी19 दिन पहले
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पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की शिकायत मिलने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस सक्रिय हुई। - Dainik Bhaskar
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की शिकायत मिलने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस सक्रिय हुई।

खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बताकर वाराणसी के एक घर में घुसकर लूटपाट करने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने रविवार को दबोचा। यह कार्रवाई पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा वाराणसी पुलिस से शिकायत करने के बाद की गई। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी पुलिस के मुखबिर हैं। इसलिए पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रही थी

पीड़ित का पता नहीं, मकान मालिक से पुलिस ने ली तहरीर
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की शिकायत मिलने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस सक्रिय हुई तो पीड़ित ही अंडरग्राउंड हो गया। पीड़ित को खोजते हुए पुलिस महमूरगंज क्षेत्र के गोकुल नगर निवासी संजीव सिंह गौतम के घर पहुंचीं। संजीव ने पुलिस को बताया कि उनके मकान में चंदौली जिला निवासी पवन कुमार खरवार किराए पर रहते हैं। पवन के कमरे में बीती 24 मई को दीपक श्रीवास्तव, आशीष कुमार जायसवाल और संजय कुमार बैजू आए थे। तीनों खुद को वाराणसी क्राइम ब्रांच का सिपाही बता कर चेकिंग की बात कहे थे। तीनों ने किराएदार पंकज के कमरे में घुस कर लूटपाट और तोड़फोड़ की। उसके बाद पंकज से एक लाख रुपए की मांग करने लगे। न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। पंकज ने किसी तरह से तीनों को 10 हजार रुपए दिए। इसके बाद तीनों के डर से पंकज और उनकी पत्नी अपने गांव चले गए। पंकज के न मिलने पर भेलूपुर थाने की पुलिस ने 29 मई की रात संजीव सिंह गौतम से तहरीर लिखवाई और रंगदारी, तोड़फोड़ सहित अन्य आरोपों में दीपक, आशीष व संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद भेलूपुर थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह के साथ तीनों आरोपियों को शनिवार की दोपहर गिरफ्तार किया।

तीनों आरोपी हैं पुलिस के मुखबिर, शह पाकर करते हैं मनमानी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी वाराणसी में तैनात थानेदारों के मुखबिर हैं। भेलूपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने ही दबी जुबान में बताया कि तीनों की अक्सर शिकायत आती रहती थी। तीनों आमजन को डरा-धमका कर उनसे वसूली करते हैं। चूंकि तीनों की सूचनाओं पर थानेदार अपराधियों को पकड़ते हैं, इसलिए इनकी गलतियों को नजरअंदाज करते रहते हैं। इस बार शिकायत पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने की थी, इसलिए कार्रवाई हुई। अन्यथा यह मामला भी दब ही जाता।