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सोशल मीडिया ने मां-बेटे को मिलाया:सौतेले पिता की प्रताड़ना से परेशान नेपाली बच्चे ने 2 साल पहले छोड़ दिया था घर, फेसबुक से मां को खोज कर वाराणसी से भेजा गया वापस

वाराणसी5 महीने पहले
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सामाजिक संस्था के लोगों के साथ बच्चा नेपाल भेजा गया। - Dainik Bhaskar
सामाजिक संस्था के लोगों के साथ बच्चा नेपाल भेजा गया।

सौतेले पिता की प्रताड़ना से आजिज आकर नेपाल निवासी एक किशोर ने 2 साल पहले अपना घर छोड़ दिया और भटकते हुए भारत आ गया। फरीदाबाद से वापस घर जाते समय वाराणसी में चाइल्ड लाइन के लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उसे राजकीय बाल सुधार गृह भेज दिया गया। गृह के अधीक्षक ने फेसबुक की मदद से किशोर की मां को किसी तरह से खोज निकाला। शनिवार को नेपाली दूतावास की मदद से उसे उसके घर के लिए रवाना कर दिया गया।

मां-बाप के बीच तलाक के बाद होने लगी थी दिक्कत

16 वर्षीय किशोर ने बताया कि वह नेपाल के लुम्बिनी राज्य के देवदहा कस्बे का रहने वाला है। उसके माता और पिता के बीच तलाक हो गया था। जिसके बाद दोनों ने दूसरी शादी कर ली थी। किशोर अपनी मां के साथ रहता था। मां की शादी के कुछ दिनों बाद सौतेले पिता ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर वह 2019 में घर से निकल गया और सोनौली होते हुए फरीदाबाद चला गया। जहां उसने एक होटल में काम किया। 14 वर्ष से 16 वर्ष तक की उम्र तक उसने वहीं पर काम किया।

घर की याद आई तो वापस जा रहा था नेपाल

जब बच्चे को अपनी मां और घर की याद आने लगी तो बीते मार्च महीने में एक दिन वह फरीदाबाद से नेपाल के लिए निकल पड़ा। रास्ते में भूख लगने पर वह बनारस में ही उतर गया। इसी बीच चाइल्ड लाइन के लोगों की उस पर नजर पड़ी तो उन लोगों ने उसे धूप छांव खुला आश्रम संस्था में 14 दिन के लिए क्वारन्टीन कर दिया गया। 7 अप्रैल को उसे रामनगर स्थित राजकीय बाल सुधार गृह भेज दिया गया। किशोर के नेपाल स्थित पते पर जब संपर्क किया गया तो पता चला कि उसकी मां कहीं और रहती है। इसके चलते उसकी मां का पता नही मिल पा रहा था।

रोजाना 100 लोगों की प्रोफाइल चेक कर दिखाते थे फ़ोटो

संस्था के अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि किशोर ने अपनी मां का नाम सपना बताया था। इस पर वह फेसबुक में रोजाना नेपाल की सपना नाम की लगभग 100 महिलाओं की प्रोफाइल चेक कर किशोर को फोटो दिखाते थे। आखिरकार एक दिन किशोर की मां सपना फेसबुक पर मिल ही गई। किशोर को उसकी मां से बात कराई गई तो दोनों बिलखने लगे। इसके बाद किशोर को उसके घर नेपाल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। शनिवार को नेपाली दूतावास के आदेश के बाद प्रवासी नेपाली मित्र मंच संस्था के पदाधिकारी किशोर को उसकी मां से मिलाने के लिए नेपाल रवाना हो गए।

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