• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Varanasi
  • Ultra Model Fish Market Will Be Built In Chandauli In The Neighborhood Of PM Modi's Varanasi, The Income Of Fish Farmers Will Be Doubled; 62 Crores Will Be Spent

पूर्वांचल के मछली पालकों के लिए बड़ी सौगात:PM मोदी की काशी के पड़ोस में चंदौली में बनेगी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी, मत्स्य पालकों की आय होगी दोगुनी; 62 करोड़ होंगे खर्च

वाराणसी3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
वाराणसी से 32 किलोमीटर दूर दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाइवे के किनारे बनेगी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी। - Dainik Bhaskar
वाराणसी से 32 किलोमीटर दूर दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाइवे के किनारे बनेगी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पड़ोस में धान का कटोरा कहा जाने वाला जिला चंदौली अब मछली पालन के लिए भी देश में जाना जाएगा। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर चंदौली में अब अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनाने की तैयारी है। इस मंडी के बनने से पूर्वांचल के मत्स्य पालन करने वालों की आय दुगुनी से भी ज़्यादा होने की उम्मीद है। होलसेल, रिटेल और मछली पालन से संबंधित सभी उपकरण, सीड्स, दवाएं, चारा सब कुछ एक छत के नीचे उपलब्ध होगा।

एक्सक्लूसिव फिश रेस्टोरेंट, प्रशिक्षण के लिए कांफ्रेंस हॉल, प्रोसेसिंग यूनिट जैसी कई तरह की सुविधाएं भी होंगी। नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड हैदराबाद से ग्रीन सिग्नल मिलते ही पूर्वांचल की सबसे बड़ी इस आधुनिक मत्स्य मंडी की बिल्डिंग का काम शुरू हो जाएगा।

रात में ऐसी दिखेगी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी।
रात में ऐसी दिखेगी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी।

62 करोड़ की लागत से बनेगी 3 मंजिला इमारत

देश की सबसे बड़ी अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के बगल के जिले चंदौली में बनने से पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन करने वालों को सुविधा मिलेंगी। साथ ही बड़े पैमाने पर रोज़गार का सृजन भी होगा। कोलकाता से दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) पर चंदौली जिले में भारत की सबसे आधुनिक मत्स्य मंडी बनेगी। 10 हजार वर्ग मीटर जमीन में लगभग 62 करोड़ की लागत से 3 मंजिला इमारत होगी। इस बिल्डिंग में मछली पालन के तरीकों, मार्केटिंग, तकनीक, एक्सपोर्ट से लेकर मछली के कई प्रकार की डिश पकाने और खाने तक की सुविधा होगी।

अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी की दुकानों से वाहन ऐसे ले जाएंगे मछलियां।
अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी की दुकानों से वाहन ऐसे ले जाएंगे मछलियां।

वाराणसी मंडल का 200 करोड़ का है कारोबार

मत्स्य विभाग के उप निदेशक एनएस रहमानी ने बताया कि वाराणसी मंडल में मछली का करीब 200 करोड़ रुपए सालाना का व्यवसाय होता है। जिसे 5 सालों के अंदर दोगुना करने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की सरकार ने रखा है। उन्होंने बताया कि यह देश की अपने तरह की मत्स्य संबंधित कारोबार की अल्ट्रा मॉडल बिल्डिंग होगी। इसमें मछली का होलसेल और रिटेल मार्किट भी रहेगा। मछली पालन को लेकर दुनिया भर में चल रही नई तकनीक का प्रदर्शन आधुनिक प्रदर्शनी हाल में किया जाएगा, जिससे मछली पालक नई तकनीक को देखकर सीख सकें। पीपीपी मॉडल पर तीसरी मंजिल पर एक एक्सक्लूसिव फिश रेस्टोरेंट होगा, जहां फिश के कई प्रकार के व्यंजनों का स्वाद कोई भी चख सकेगा। पीपीपी मॉडल पर ही भविष्य में प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई जाएगी।

चंदौली में बनने वाली अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी का मॉडल।
चंदौली में बनने वाली अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी का मॉडल।

बड़े पैमाने पर मछली निर्यात करने की भी योजना

उपनिदेशक ने बताया आने वाले समय में बड़े पैमाने पर मछली निर्यात करने की भी योजना है। विदेशों में सबसे ज्यादा मांग वाली टेलिपिया किस्म की मछली की पैदावार करके यहां से एक्सपोर्ट करने का प्लान है। नार्थ ईस्ट, कोलकाता, नेपाल समेत कई जगहों पर यहां के मछलियों की अच्छी मांग है। इस इलाके में करीब 30 से 35 किस्मों की मछलियों की खेती होती है। पहले करीब 20 प्रतिशत मछलियां खराब हो जाया करती थी। परिवहन की सुविधा और तमाम आधुनिक सुविधाओं से अब मछलियों के महज 5 प्रतिशत से भी कम खराब होने की उम्मीद है।

कनेक्टिविटी के हिसाब से भी ये जगह अच्छी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन बेहद करीब है। वाराणसी मुख्यालय से 32 किलोमीटर और एयरपोर्ट से क़रीब 60 किलोमीटर की दूरी पर है। महज 35 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी के राजातालाब में पेरिशेबल कोल्ड स्टोरेज भी है, जहां मछलियों को कई दिनों तक ताजा और सुरक्षित रखा जा सकती है। इसका सीधा लाभ मछली पालकों को मिलेगा।

4 जिलों में 1500 मछली पालक हैं

मत्स्य विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि अल्ट्रा मॉडल मत्स्य बिल्डिंग देश की पहली ऐसी आधुनिक इमारत होगी जहां एक छत के नीचे सभी सुविधाएं होंगी। पूरी बिल्डिंग सेंट्रली वातानुकूलित होगी। ऊर्जा बचाने के लिए 400 किलोवाट का सोलर पावर भी लगाया जाएगा। आने-जाने के रास्ते अलग-अलग होंगे। मछलियों की दुर्गंध न फैले, इसके लिए भी विशेष प्रबंध होगा। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट का विशेष ख्याल रखा जाएगा। व्यापारियों के और ट्रक ड्राइवरों के लिए गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा। वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर में अभी करीब 1500 मछली पालक है, जो बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 हजार से ज्यादा परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हैं। मंडी में 100 दुकानें होंगी भी होंगी। इस अल्ट्रा मॉडल बिल्डिंग के बन जाने से पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होगा। मत्स्य कारोबार के साथ ही किसानों की आर्थिक आय बढ़ाने के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जाएंगे।

खबरें और भी हैं...