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मजबूरी में महिला ने की जान देने की कोशिश:पथरी का इलाज न करा पाने और दर्द से परेशान वृद्ध महिला गंगा में कूदी, मल्लाहों ने बचाई जान; अस्पताल में भर्ती

वाराणसी20 दिन पहले
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महिला ने गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने की काेशिश की लेकिन वहां मौजूद मल्लाहों ने जान बचा ली। - Dainik Bhaskar
महिला ने गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने की काेशिश की लेकिन वहां मौजूद मल्लाहों ने जान बचा ली।

पथरी का इलाज न करा पाने और दर्द से परेशान एक वृद्ध महिला ने रविवार को वाराणसी के राजघाट स्थित मालवीय अस्पताल से गंगा में छलांग लगा दी। नीचे गंगा में मौजूद मल्लाहों ने वृद्धा को बाहर निकाल कर मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वृद्धा की बेबसी और गरीबी के बारे में मल्लाहों ने उसको बाहर निकाला। बाद में वहां पहुंची पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।

सारनाथ के दीनदयालपुर की 65 वर्षीय वाजिदा बेगम ने बताया कि वह तीन बेटों और दो बेटियों की मां हैं। घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह पथरी का ऑपरेशन करा पाती। असहनीय दर्द से वह परेशान हो गई थी। ऐसे में उन्हें कुछ न सूझा तो वह घर से पैदल ही निकली और राजघाट पुल जाकर गंगा में छ्लांग लगा दीं।

उधर, पुलिस की सूचना पर मंडलीय अस्पताल पहुंचे वृद्धा के परिजनों ने उनकी जान बचाने वाले मल्लाहों का आभार जताया। इसके साथ ही सभी ने जब सुना कि अमन उनकी मां का उपचार कराएंगे तो उनके सामने हाथ जोड़ लिए।

पहले बाइक अब वैन एंबुलेंस लेकर टहलते रहते हैं अमन

अमन कबीर वाराणसी में अपनी बाइक एम्बुलेंस के लिए जाने जाते हैं। रास्ते में कोई बुजुर्ग या असहाय उन्हें घायल मिल जाता था तो वह उसका प्राथमिक उपचार करके अस्पताल पहुंचाते थे। हाल ही में गोरखपुर के मूल निवासी और जापान में व्यापार करने वाले एक शख्स ने अमन के सेवाभाव से खुश होकर उन्हें एक वैन दी थी।

अमन उस वैन को एम्बुलेंस बनाकर अब लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाते हैं। इसके साथ ही यदि अमन को पता लग जाता है कि किसी की मौत हो गई है और परिजन इस स्थिति में नहीं हैं कि अंत्येष्टि कर सकें तो वह वहां पहुंचने में भी देरी नहीं करते हैं।

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