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  • Up Assembly Election 2022: Main Accused In The CO Murder Case, Gulshan Got A Ticket From Kunda, Wife Of The Former Minister Convicted Of Rape Was The Candidate Of Amethi

कुंडा अनोखी सीट, जहां एक हत्या के 2 आरोपी प्रत्याशी:DSP जियाउल की सरेआम हत्या में आरोपी राजा भैया के सामने सपा ने गुलशन को उतारा

लखनऊ4 महीने पहले
  • देखिए देर रात जारी सपा के 39 नामों की सूची

विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपनी दूसरी सूची जारी की है। इस सूची में 39 नामों की घोषणा की गई है। सपा की इस सूची में प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से गुलशन यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गुलशन यादव DSP जिया उल हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे हैं। गुलशन यादव के साथ कुंडा के विधायक पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया भी नामजद थे। अब सपा ने गुलशन यादव को ही राजा भैया के खिलाफ मैदान में उतारा है। इस सूची में दूसरा नाम है,अखिलेश सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महराजी प्रजापति का। गायत्री प्रजापति पर कोर्ट ने रेप के मामले में आरोप तय किए थे। उसके बाद से गायत्री जेल में हैं। सपा ने गायत्री की पत्नी को टिकट दिया है।

सपा ने गुलशन यादव को राजा भैया के खिलाफ ही चुनाव मैदान में उतारकर चुनाव रोचक बना दिया है।
सपा ने गुलशन यादव को राजा भैया के खिलाफ ही चुनाव मैदान में उतारकर चुनाव रोचक बना दिया है।

गुलशन यादव को कुंडा से टिकट
कुंडा के CO जिया-उल-हक हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे गुलशन यादव को कुंडा विधानसभा से समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा में साल 2013 में घटित जियाउल हक हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की जांच दोबारा शुरू हो गई। इस केस में राजा भैया को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि, इस मामले की जांच कर रही CBI ने रघुराज प्रताप सिंह को क्लीन चिट दे दी थी।

दिवंगत पुलिस अधिकारी की पत्नी परवीन आजाद ने इस फैसले को इलाहाबाद HC की लखनऊ बेंच में चुनौती दी थी। जियाउल हक हत्याकांड के बाद CO की पत्‍‌नी परवीन आजाद की तहरीर पर नगर पंचायत अध्यक्ष गुलशन यादव, राजा भैया, राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम श्रीवास्तव, गुड्डू सिंह के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज हुआ था। जियाउल हक हत्याकांड की जांच के बाद गुलशन यादव राजा भैया से दूर हो गए थे।

कौन है गुलशन, 12 से अधिक दर्ज हैं मुकदमे
प्रतापगढ़ के कुंडा के रहने वाले गुलशन यादव को नाम और पहचान बाहुबली राजा भैया से ही मिली। राजा भैया के बेहद करीबियों में गिने जाने वाले और राजा के नाम पर चुनाव लड़ने वाले गुलशन कुंडा टाउन एरिया के चेयरमैन रह चुके हैं। जब वो जेल में थे तो अपनी जगह पत्नी को मैदान में उतारा था। पत्नी भी राजा भैया के नाम पर चुनाव लड़ी और जीतकर मौजूदा चेयरमैन हैं। गुलशन यादव पर एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं । प्रतापगढ़ में हुए CO जियाउल हक हत्याकांड में भी गुलशन का नाम सामने आया था। हालांकि गुलशन यादव को पुष्पेंद्र सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था और इसी मामले में पिछले 4 साल से गुलशन यादव जेल में बंद हैं।

क्या है जिया उल हक हत्याकांड
कुंडा के बलीपुर गांव में 2 मार्च 2013 को शाम साढ़े सात बजे प्रधान नन्हे सिंह यादव की हत्या कर दी गई थी। हत्यारे दो बाइक पर सवार थे। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक हथियार लेकर बलीपुर गांव में उनके घर पर जुट गए थे। ग्रामीणों ने कामता पाल के घर में आग लगा दी थी। इसी समय सीओ जियाउल हक गांव में पीछे के रास्ते से प्रधान के घर की तरफ बढ़े थे। रात साढ़े आठ बजे प्रधान के छोटे भाई सुरेश यादव (38) की हत्या कर दी गई थी। मामले को शांत करने के लिए निकले सीओ घटनास्थल पर नहीं पहुंचे थे। रात 11 बजे भारी पुलिस बल बलीपुर गांव पहुंचा और सीओ की तलाश शुरू की, आधे घंटा बाद जियाउल हक का शव प्रधान के घर के पीछे खड़ंजे पर पड़ा मिला था। इस मामले में राजा भैया आरोपों के घेरे में हैं।

गायत्री प्रजापति की पत्नी को टिकट
सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी महराजी प्रजापति को समाजवादी पार्टी ने अमेठी विधानसभा से उम्मीदवार बनाया है। फिलहाल गायत्री में जेल में है। चित्रकूट की महिला के साथ गैंगरेप और उसकी नाबालिग बेटी से अश्लील हरकत के दोषी गायत्री और उसके दो सहयोगियों आशीष शुक्ला और अशोक तिवारी को आजीवन कारवास की सजा सुनाई गई है। MP-MLA कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने सजा सुनाने के साथ तीनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की पूरी रकम नाबालिग पीड़िता के पुनर्वास के लिए दी गई। गायत्री और उसके दोनों सहयोगियों को 10 नवंबर को दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने 72 पन्नों में फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का तात्पर्य है कि तीनों दोषियों को अपना बाकी का जीवन जेल में ही गुजारना होगा।

खनन के पट्टे दिलाने के नाम पर शोषण
पीड़िता ने 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार खनन का कार्य दिलाने के लिए दोषियों ने महिला को लखनऊ बुलाया। कई जगहों पर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसकी नाबालिग बेटी से भी अश्लील हरकतें की गईं।

देखें सपा के 39 उम्मीदवारों की लिस्ट-

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