PM मोदी 20 अक्टूबर को देंगे बौद्ध पर्यटकों को सौगात:यूपी के तीसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक्टिवेट करने कुशीनगर पहुंचे वाराणसी ATC के अधिकारी

वाराणसी10 महीने पहले
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कुशीनगर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 3 हजार 200 मीटर है। यह लखनऊ के अमौसी और वाराणसी बाबतपुर से भी ज्यादा है। - Dainik Bhaskar
कुशीनगर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 3 हजार 200 मीटर है। यह लखनऊ के अमौसी और वाराणसी बाबतपुर से भी ज्यादा है।

भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण की धरती कुशीनगर में 20 अक्टूबर को 1 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अस्तित्व में आ जाएगा। वाराणसी और लखनऊ के बाद यह यूपी का तीसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशीनगर में 20 अक्टूबर को इसका शुभारंभ करेंगे। वहीं सबसे खास बात यह है कि वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के सहयोग से कुशीनगर एयरपोर्ट को एक्टिवेट किया जाएगा। नया एयरपोर्ट होने और पीएम के आगमन के दौरान सुरक्षा सहित सभी बारीकियों को समझने वाले वाराणसी एयरपोर्ट के 6 अधिकारियों को कुशीनगर भेज दिया गया है। इस टीम में ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल), कम्युनिकेशन एंड टेक्निकल ऑफिसर भी शामिल हैं। उद्घाटन के बाद कुशीनगर एयरपोर्ट को एक्टिव मोड में करके सभी अधिकारी वापस वाराणसी आ जाएंगे।

यूपी में सबसे बड़ा रनवे वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है कुशीनगर।
यूपी में सबसे बड़ा रनवे वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है कुशीनगर।

बनारस से बड़ा रनवे कुशीनगर का
इंडियन एयरपोर्ट एथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार कुशीनगर एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 3 हजार 200 मीटर है। जो यूपी का सबसे बड़ा रनवे है। इससे पहले यूपी का सबसे बड़ा रनवे वाला एयरपोर्ट वाराणसी ही था, जिसकी लेंथ 2746 मीटर है। वहीं, लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2744 मीटर है।

यूपी में अभी तक 8 एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही अयोध्या में श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नोएडा में जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं आजमगढ़ के मंदूरी और सोनभद्र के म्योरपुर में लोकल जहाजों की कनेक्विटी बनाई जा रही है।

प्लेन स्टैंड केवल 4
रनवे भले ही सबसे बड़ा बना हो मगर अभी कुशीनगर में एक साथ 4 विमान ही खड़े हो सकते हैं। जबकि वाराणसी में एक साथ 11 प्लेन को एक साथ 11 स्टैंड में खड़ा किया जा सकता है। कुशीनगर में शुरूआती फेज में अभी केवल 4 एयरपोर्ट स्टैंड ही बनाए गए हैं।

कुशीनगर जाने वालों में हैं इन अधिकारियों के नाम
ATC के असिस्टेंट जनरल मैनेजर शक्ति शरण त्रिपाठी, इलेक्ट्रिसिटी के सीनियर मैनेजर उमेश चंद्र, कम्युनिकेशन मैनेजर अमित वर्मा, टेक्निकल हेड सतीश शर्मा, ATC के असिस्टेंट मैनेजर अनुपम चौधरी, ATC के जूनियर एक्जीक्यूटिव वैभव सिंह, कम्युनिकेशन मैनेजर रंजीत वर्मा कुशीनगर के लिए निकल चुके हैं। मिली सूचना के अनुसार एयरपोर्ट का उद्घाटन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद 21 अक्टूबर को या फिर जरूरत पड़ी तो कुछ और दिन भी वहां पर रुक सकते हैं।

बौद्ध सर्किट में बेहतर होगी कनेक्टिविटी

बौद्ध सर्किट के तहत भगवान बुद्ध के सभी स्थल एक-दूसरे से फ्लाइट और रेलवे से कनेक्ट हैं। केवल कुशीनगर की इस मामले में पिछड़ गया था। वहीं पास के जिले गोरखपुर के लिए भी डायरेक्ट फ्लाइट का न होना समस्या थी। अब निश्चित रूप से कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान सेवा शुरू होने से बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी में सारनाथ के बाद हर देशी-विदेशी पर्यटक कुशीनगर भी जाना चाहते हैं। इससे उन यात्रियों को वहां जाने सहूलियत होगी। वहीं ऐसा भी कहा जा रहा है कि जल्द ही कुशीनगर और वाराणसी की कनेक्टिंग फ्लाइट भी शुरू हो सकती है।