पूर्वांचल से विदेश भेजा गया 20 हजार मीट्रिक टन फल-सब्जी:वाराणसी बना एक्सपोर्ट हब; नेपाल, बांग्लादेश, वियतनाम और खाड़ी देश बड़े खरीदार

वाराणसी21 दिन पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

कृषि उपज यानी फल और सब्जी विदेश भेजने के मामले में पूर्वांचल की भूमिका बड़ी होती चली जा रही है। बीते 6 माह में पूर्वांचल से 20 हजार मीट्रिक टन फल और सब्जियां खाड़ी देशों, नेपाल, बांग्लादेश और वियतनाम को भेजी गई है। इसमें 5000 मीट्रिक टन फल और 15 हजार मीट्रिक टन अनाज शामिल है।

दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।
दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।

79 टन फल-सब्जी 3 माह में हवाई जहाज से गई

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग वाराणसी एक्सपोर्ट हब बन रहा है। वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों से ताजे फल और सब्जियों का एक्सपोर्ट हवाई मार्ग से वर्ष 2021 में क्रमशः अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने में लगभग 12 मीट्रिक टन, 22 मीट्रिक टन और 45 मीट्रिक टन किया गया। इसी तरह से समुद्र मार्ग से करीब 125 मीट्रिक टन कृषि उपज का निर्यात किया गया है। इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में अनाज उत्पादों के निर्यात का आंकड़ा लगभग 800 टन का रहा है।

कमिश्नर ने कहा कि वाराणसी क्षेत्र में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जैसे केंद्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान हैं। वाराणसी क्षेत्र में कई निर्यातक हैं और लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय (LBSI) हवाई अड्डे पर कस्टम क्लीयरेंस सुविधा केंद्र की स्थापना के कारण हवाई मार्ग से कृषि उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। उत्पाद और उत्पादन की निगरानी के लिए एआई टेक के एक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी के लिए विचार किया जा रहा है।

वाराणसी मॉडल को गोरखपुर में दोहराने पर विचार

कमिश्नर ने बताया कि सरकार वाराणसी मॉडल को पूर्वांचल के गोरखपुर क्षेत्र में दोहराने पर भी विचार कर रही है। क्योंकि दोनों जगह का भूगोल, जनसांख्यिकी और कुछ अन्य मानदंड समान हैं। कुशीनगर में स्थापित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्यात को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, मऊ क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा।

APEDA ने गैर बासमती चावल के व्यापक अनाज और पोषण गुणवत्ता प्रोफाइलिंग, चावल से मूल्य वर्धित उत्पादों और चावल आधारित खाद्य प्रणालियों के लिए तीन परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। वाराणसी क्षेत्र में कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए एकीकृत आईटी समाधानों के लिए एपीडा-वित्त पोषित परियोजना प्रक्रियाधीन है।

दिसंबर 2019 में मिर्च भेजी गई थी दुबई

दिसंबर 2019 में वाराणसी से दुबई के जेबेल अली पोर्ट के लिए APEDA द्वारा 14 मीट्रिक टन हरी मिर्च के पहले परीक्षण शिपमेंट के निर्यात की सुविधा प्रदान की गई थी। APEDA के सहयोग से वाराणसी से 3 मीट्रिक टन ताजी सब्जियां लंदन को, 3 मीट्रिक टन ताज़ा आम दुबई को, 1.2 मीट्रिक टन ताज़ा आम लंदन को, 520 मीट्रिक टन क्षेत्रीय चावल कतर को और 80 मीट्रिक टन क्षेत्रीय चावल 2020 में कोविड महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया को एक्सपोर्ट किया गया था।

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