अब हवाई अड्डों पर एंटीजन RT-PCR जांच अनिवार्य:मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट पर यात्रियों की कोविड जांच का दिया आदेश

वाराणसी16 दिन पहले
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बाहर से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर कोविड जांच के बाद ही जाने की अनुमति होगी। - Dainik Bhaskar
बाहर से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर कोविड जांच के बाद ही जाने की अनुमति होगी।

यूपी में लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के लिए केंद्र सरकार ने भी बाकायदा एडवाइजरी जारी किया है। निर्देशों का कंप्लायंस हो रहा है या नहीं इसकी ग्राउंड रिपोर्ट के लिए सोमवार को दैनिक भास्कर की चार टीमें वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचीं, जहां कोविड प्रोटोकॉल को लेकर किसी भी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखी। दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से इसे प्रकाशित किया तो प्रदेश स्तर के अधिकारियों ने इसपर गंभीरता जताई। खबर चलने के कुछ ही घंटे बाद सोमवार की देर शाम मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने गंभीरता लेते हुए सभी हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग व एंटीजन टेस्ट और rt-pcr टेस्ट कराने का निर्देश दे दिया।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लिखा पत्र।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लिखा पत्र।

सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश
दुर्गा शंकर मिश्र ने प्रदेश के सभी मंडल आयुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और जिलाधिकारी के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए पत्र जारी किया है। पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए हवाई अड्डे पर बाहर से आने वाले यात्रियों की एंटीजन और RT-PCR जांच अनिवार्य है। इसके अलावा यदि जो यात्री स्वेच्छा से अपना कोविड-19 टेस्ट कराना चाहते हैं उनकी भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सभी हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग व एंटीजन टेस्ट और rt-pcr टेस्ट कराने का निर्देश दे दिया।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सभी हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग व एंटीजन टेस्ट और rt-pcr टेस्ट कराने का निर्देश दे दिया।

सरकारी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों को रोस्टर के आधार पर बुलाएं
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने जारी किए गए पत्र में लिखा है कि सभी सरकारी कार्यालयों अधिकतम 50% कर्मचारियों की क्षमता के साथ रोस्टर के आधार पर कार्य कराए जाएं। कार्यालय में अनिवार्य रूप से कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। इसके अलावा निजी कार्यालयों के कर्मचारी यदि कोविड-19 संक्रांति पाए जाते हैं तो उन्हें 7 दिन के लिए होम आइसोलेट किया जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके वेतन का भुगतान इन 7 दिनों का अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

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