लखीमपुर खीरी घटना का विरोध करने वाले छात्रों पर FIR:वाराणसी पुलिस ने लंका थाने में BHU के 5 छात्रों पर दर्ज कराया मुकदमा, अब कैंपस में उबाल

वाराणसी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
लखीमपुर-खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का विराेध करने पर बनारस हिंदू विद्यालय के 5 छात्रों पर पुलिस ने किया मुकदमा। - Dainik Bhaskar
लखीमपुर-खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का विराेध करने पर बनारस हिंदू विद्यालय के 5 छात्रों पर पुलिस ने किया मुकदमा।

लखीमपुर-खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का वाराणसी में विरोध करना बनारस हिंदू विश्व विद्यालय (BHU) के छात्रों को महंगा पड़ गया। वाराणसी के लंका थाने में 5 छात्रों पर वाराणसी पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी है। इन छात्रों में राज अभिषेक, भुवल यादव, नीतिश कुमार, अंकाक्षा आजाद और 1 अज्ञात छात्र शामिल है।

छात्रों ने मालवीय गेट पर पुलिस के सामने किया था विरोध प्रदर्शन।
छात्रों ने मालवीय गेट पर पुलिस के सामने किया था विरोध प्रदर्शन।

BHU में इस FIR की भनक लगते ही छात्र संगठनों में उबाल आ गई है। वहीं छात्र अब पुलिस के इस कदम का विरोध करना शुरू कर दिया है। नामजद छात्रों में से अभी किसी की भी गिरफ्तारी तो नहीं हुई है, मगर मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि सरकार और पुलिस की गलतियों का नतीजा किसानाें और आम आदमी काे भुगतना पड़ा। वहीं दोषियों को पकड़ने के बजाय अब किसानों के समर्थन में आने वाले छात्रों और लोगों को सरकार द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।

पुलिस ने कहा, छात्रों ने अनुमति नहीं ली
FIR कराने वाले एक पुलिस कर्मी गौरव उपाध्याय ने FIR काॅपी में कहा है कि मालवीय प्रवेश द्वार पर बिना मास्क लगाए 8-10 छात्र अनायास धरना प्रदर्शन कर रहे थे। बिना पुलिस की अनुमति के ही सार्वजनिक रास्ते को रोककर जाम किए हुए थे। इन्हें बार-बार रास्ते को छोड़कर हटने के लिए भी कहा गया, मगर इन्होंने किसी की भी एक न सुनी। इन छात्रों ने कोविड गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया। इसके साथ ही ये प्रदर्शनकारी जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।

BHU का मालवीय गेट पर तैनात है PSC और पुलिस
लखीमपुर-खीरी में 9 लोगों की हत्या के बाद से ही वाराणसी के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और PSC की तैनाती कर दी गई है। इसमें BHU का मालवीय गेट भी है जहां पर 1 कंपनी PSC के जवान और भारी संख्या में पुलिस बल लगाई गई थी। उन सबके सामने छात्रों ने िकसानों के न्याय की आवाज को मुखर किया था। वहीं किसानों के साथ मारे गए 5 अन्य लोगों के साथ भी न्याय की बात कही थी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गेट के बाहर आने से रोका भी था। छात्रों ने सरकार से 2 सूत्री मांग की थी कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त किया जाए। उनके बेटे आशीष मिश्र पर 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में प्रदेश के बाहर हो।

खबरें और भी हैं...