मजदूर को 19.19 करोड़ का बिजली बिल भेजा:वाराणसी PVVNL ने मीटर रीडर को हटाया, SDO को चार्जशीट सौंपी, बिलिंग एजेंसी पर मुकदमा

वाराणसीएक वर्ष पहले
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बिजली का बिल दिखाती रामनगीना की पत्नी सावित्री देवी। - Dainik Bhaskar
बिजली का बिल दिखाती रामनगीना की पत्नी सावित्री देवी।

देवरिया में कच्चे मकान में रहने वाले जदूर राम नगीना को 19 करोड़ 19 लाख रुपए का बिजली बिल भेजा गया। हालांकि वाराणसी के पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PPVNL) तक मामला पहुंचने के बाद एक दिन के अंदर ही बिल वापस ले लिया गया। राम नगीना से माफी भी मांगी गईं। PPVNL ने जांच के बाद उपखंड अधिकारी, मीटर रीडर और बिलिंग एजेंसी पर कार्रवाई की है।

मैनेजिंग डायरेक्टर बोले-मीटर रीडर ने गलत रीडिंग नोट कर दी

वाराणसी के पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PPVNL) ने गलत तरीके से देवरिया के मलकौली गांव में रहने वाले उपभोक्ता राम नगीना को भेजे गए बिल के अमाउंट को सुधार लिया है। निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंद सिंह ने कहा कि मीटर रीडर ने गलत रीडिंग नोट करके दी। जिसकी वजह से मजदूर को 19 करोड़ 19 लाख रुपए चुकाने का नोटिस चला गया था। मामले को तूल पकड़ता देख विभाग ने इस घटना की जांच कराई। डायरेक्टर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आते ही मीटर रीडर को हटा दिया गया। उपखंड अधिकारी को चार्जशीट थमा दी गई है। बिलिंग एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

जांच के बाद विभाग ने कार्रवाई करने में देरी नहीं की।
जांच के बाद विभाग ने कार्रवाई करने में देरी नहीं की।

रामनगीना सात साल से बिल भुगतान करते आ रहे
देवरिया के सदर कोतवाली में मलकौली गांव में रामनगीना अपनी पत्नी सावित्री, दो बेटे व तीन बेटियों के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। जब नोटिस उन्हें मिला तो पूरा परिवार हक्का-बक्का रह गया। अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। मामला तूल पकड़ने लगा। रामनगीना ने सात साल पहले 1 किलोवाट का बिजली कनेक्शन लिया था। जिसका बिल वह जमा कर देते हैं।

कोई लापरवाह बख्शा नहीं जाएगा
उपभोक्ता राम नगीना को सही बिल उपलब्ध करा दिया गया है। विभाग इस गलती के बाद हर छोटी-बड़ी वजह पर गौर कर रहा है। पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने कहा कि इस लापरवाही में जो-जो भी शामिल थे। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं इसके बाद अगर कहीं से भी गलत बिलिंग की घटना दोहराई जाती है। तो उन सबके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

26 जुलाई को विद्युत विभाग ने गलत बिल जारी किया।
26 जुलाई को विद्युत विभाग ने गलत बिल जारी किया।

देवरिया के डीएम ने भी नाराजगी जताई
रामनगीना ने देवरिया डीएम आशुतोष निरंजन तक पूरा मामला पहुंचा। डीएम ने भी विद्युत विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। 30 अक्टूबर को 35,614 रुपए का बिल जारी किया। जांच में सामने आया कि डेटलाइन तक बिल का भुगतान नहीं होने पर SDO ने धारा-3 के तहत नोटिस जारी किया था। डीएम ने अधीक्षण अभियंता जीसी यादव को बिजली बिलों की गलतियों को ठीक करने के लिए कैंप लगाने को कहा।

ओटीएस से मिलेगा लाभ
अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने बताया कि राम नगीना को 35,614 रुपए ही देने होंगे। 20912 रुपए विद्युत मूल्य और 11,486 रुपए सरचार्ज देना होगा। कहा कि प्रदेश सरकार एक किलोवॉट कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए एक मुश्त समाधान योजना संचालित कर रही है। अगर ये तय तिथि से पहले बिल का भुगतान करते हैं, तो इन्हें 11,484 रुपए सरचार्ज भी मिलता है। इस तरह इन्हें 20,912 रुपये ही जमा करने होंगे।

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