वाराणसी में अजय राय पर चुनाव आयोग की सख्ती:24 घंटे के लिए प्रचार नहीं कर सकेंगे कांग्रेस नेता, विवादित भाषण पर कार्रवाई

वाराणसी9 महीने पहले
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वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय।

वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के विवादित भाषण को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती की है। उनके ऊपर 24 घंटे के लिए किसी भी सार्वजनिक सभा, सार्वजनिक जुलूस, रैलियों, रोड शो और साक्षात्कार के अलावा मीडिया में सार्वजनिक भाषण पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध 26 फरवरी की सुबह 8 बजे से 27 फरवरी की सुबह 8 बजे तक प्रभावी रहेगा।

भारत निर्वाचन आयोग के आदेश को देर रात कराया तामिला
SDM/रिटर्निंग ऑफिसर पिंडरा ने बताया कि पिंडरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से 26 फरवरी की सुबह 8 बजे से 24 घंटे तक के लिए जनसभा आदि रोक दिया गया है। इससे संबंधित आदेश की प्रति अजय राय को 25 फरवरी की देर रात तहसीलदार/सहायक रिटर्निंग आफिसर के माध्यम से प्राप्त करा दिया गया है।
रिटर्निंग ऑफीसर पिंडरा ने कहा कि अजय राय को निर्देशित किया गया है कि चुनाव आयोग के आदेश का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसीदार पिंडरा को निर्देश भी दिया गया है कि यदि इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग के आदेश की अवहेलना का कोई तथ्य अजय राय द्वारा करने का मामला सामने आता है तो तत्काल भारत निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना दी जाए।

यह था मामला
अजय राय पर आरोप था कि उनके फेसबुक पेज से PM मोदी और CM योगी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो पोस्ट किया गया था। इसके अलावा उन्होंने बगैर अनुमति के सभा की थी। उस दौरान कोविड-19 और आदर्श आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन किया गया था। इसकी शिकायत SDM पिंडरा को मिली थी। जिसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा 4 सदस्यीय टीम से जांच कराई गई थी। शिकायत सही पाई जाने के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर अजय राय पर मुकदमा किया गया था।

48 घंटे के अंदर मांगा गया था जवाब
पिंडरा विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अजय राय को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर उनकी वीडियो क्लिप सहित कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अपनी सफाई के लिए उन्हें 48 घंटे की माहलत भी मिली थी। अजय राय ने अपनी बात भारत निर्वाचन आयोग को ई-मेल पर लिखित रूप से भेज दिया था।

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