• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Varanasi
  • Varanasi Silk Sari Will Now Be Seen In The Postal Department's Stamp, The Postmaster Said; The City's 29,802 Weavers Will Get Global Recognition

ODOP आधारित यूपी के 75 जिलों में डाक टिकट जारी:वाराणसी की रेशम साड़ी को मिली जगह, पोस्टमास्टर ने कहा; शहर के 29,802 बुनकरों को मिलेगी ग्लोबल पहचान

वाराणसी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
वाराणसी के कचहरी स्थित कमिश्नरी सभागार में डाक टिकट जारी करते पोस्टमास्टर व अन्य अधिकारी। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के कचहरी स्थित कमिश्नरी सभागार में डाक टिकट जारी करते पोस्टमास्टर व अन्य अधिकारी।

विश्व प्रसिद्ध और राजघरानों की पहली पसंद बनारसी साड़ी को डाक विभाग ने अपने डाक टिकट पर जगह दिया। वाराणसी के कमिश्नरी सभागार में आज पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बनारसी सिल्क साड़ी पर डाक टिकट जारी किया। वहीं लखनऊ में भी भारतीय डाक विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले के ODOP (एक जिला एक उत्पाद) प्रोडक्ट पर एक साथ डाक टिकट निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कौशलेंद्र कुमार सिन्हा के साथ इसे जारी किया। मुख्यमंत्री ने डाक विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह पहली बार हुआ है जब एक साथ किसी भी प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में सभी जिला मुख्यालयों पर डाक टिकट जारी हुए हैं। वाराणसी के डाक टिकट में बनारसी सिल्क साड़ी के साथ ही इंडियन फैशन सीरीज में शामिल बनारस के वीव्स को भी डाक टिकट जगह दिया गया है।

बनारस की धरोहर दुनिया में फैलेगी
पोस्टमास्टर कृष्ण कुमार ने वाराणसी के कमिश्नरी सभागार में कहा कि बनारसी सिल्क साड़ी के बुनकरों को डाक टिकट ग्लोबल पहचान देगा। इसके माध्यम से बनारस की संस्कृति, कला, धरोहर दुनिया भर में फैलेगी। कहा कि वाराणसी का रेशम पूरी दुनिया में वैभव और राजशाही का पर्याय है। यहां रेशम पर की गई डिजाइनिंग, आकर्षक रूप व एक यूनिक पैटर्न में बुने जाते हैं। बनारसी सिल्क साड़ियां राजघरानों के पहनावे का पर्याय हैं। 5 सदी से चली आ रही इस कला से आज शहर के 29,802 बुनकर जुड़े हुए हैं। वहीं इन उत्पादों को जीआई टैग भी मिला हुआ है।
पहचान खा रहे थे ये उत्पाद
पोस्टमास्टर यादव ने बताया कि वाराणसी में बनारसी सिल्क साड़ी के साथ ही पूर्वांचल में भी कई खास प्रोडक्ट पर डाक टिकट जारी हुए हैं। भदोही में दरी, चंदौली में जरी जरजोदी, गाजीपुर में जूट वाल हैंगिंग, जौनपुर में वुलेन कारपेट और बलिया में बिंदी (टिकुली) ओडीओपी प्रोडक्ट डाक विभाग ने जारी किए गए हैं। इसमें से तमाम ऐसे उत्पाद हैं जो अपनी पहचान खो रहे थे और मॉडर्न स्वरूप देने के साथ ही प्रचार की खासा जरूरत है। संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी ODOP स्कीम से काशी की विशिष्ट शिल्प कलाओं और वस्तुओं को अलग पहचान दी रही है। वहीं बनारसी सिल्क साड़ी डाक टिकट पर स्थान देकर विभाग ने इस पहचान को और भी गाढ़ा कर दिया है। इस दौरान कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार, प्रवर डाक अधीक्षक वाराणसी मंडल राजन राव, सहायक डाक अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

खबरें और भी हैं...