ज्ञानवापी मस्जिद पर सर्वे रोका गया:टीम बोली- अंदर मुस्लिम पक्ष मौजूद था; कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ, बाहर हंगामा हुआ

वाराणसी3 महीने पहले

वाराणसी के काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी के सर्वे को लेकर विरोध शनिवार को भी जारी रहा। एडवोकेट कमिश्नर की टीम ज्ञानवापी परिसर पहुंची। वहीं, परिसर के बाहर नमाजियों की भीड़ इकट्‌ठी हो गई। नारेबाजी शुरू होने के बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया।

इसके कुछ देर बाद वादी पक्ष परिसर के बाहर आया। उनकी तरफ से एडवोकेट विष्णु जैन ने कहा- कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ। प्रशासन ने हमें वहां पहुंचने ही नहीं दिया। मुस्लिम समुदाय के लोग दरवाजे पर आकर खड़े हो गए। इस तरह सर्वे फिर रुक गया है।

आपको ये भी बता दें कि एडवोकेट कमिश्नर को बदलने के लिए मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया था। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि एडवोकेट कमिश्नर और वादी पक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करें। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर ये सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में हुई। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 9 मई तय की।

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सर्वे शुरू होते ही नारेबाजी, एक शख्स हिरासत में
ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए टीम पहुंचने के बाद परिसर के बाहर माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। शाम करीब 5 बजे अचानक बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग वहां पहुंचे। नारेबाजी शुरू की। पुलिस ने लोगों को खदेड़ दिया। पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया है। पूछताछ में उसका नाम अब्दुल सलाम सामने आया। पुलिस के कब्जे में वो माफी मांगते हुए नजर आया। बोला-सर, हमसे गलती हो गई। कहा गया कि ये लोग नमाज के लिए इकट्‌ठा हुए थे। हालांकि शाम को एक बार फिर नमाजियों की भीड़ परिसर के बाहर बढ़ती रही।

बाहर हंगामा होने के बाद सर्वे टीम बाहर आई। वादी पक्ष के मुताबिक मुस्लिम पक्ष के लोग बेरिकेटिंग के अंदर मौजूद थे। इसलिए सर्वे नहीं हो सका। अब 9 मई की सुनवाई में पक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की जाएगी।

नारेबाजी करने वाले लोगों के बीच पुलिस ने इस शख्स को पकड़ा है।
नारेबाजी करने वाले लोगों के बीच पुलिस ने इस शख्स को पकड़ा है।

रात तक पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जिसमें अब्दुल सलाम नामजद आरोपी है। वो चंदौली जिले के मुगलसराय का रहने वाला है।

वादी पक्ष की तरफ से DGC सिविल ने बहस की
सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की है। प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने बताया कि वादी पक्ष की तरफ से DGC सिविल ने बहस की है। प्रतिवादी पक्ष सर्वे में व्यवधान डालना चाहता है, जो कि कोर्ट की अवमानना है।

कोर्ट के आदेश आने के बाद टीम ने परिसर में सर्वे शुरू कर दिया है।
कोर्ट के आदेश आने के बाद टीम ने परिसर में सर्वे शुरू कर दिया है।

मंत्री ने दरबार में लगाई हाजिरी, कहा-फैसला कोर्ट ही करेगा
वहीं, उत्तर प्रदेश के मोहनलालगंज से सांसद व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। ज्ञानवापी में सर्वे मामले पर उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी शब्द उर्दू का नहीं है। ये मंदिर है या मस्जिद। इसका फैसला कोर्ट ही करेगा।

सर्वेक्षण को देखते हुए ज्ञानवापी मस्जिद के आस-पास सुरक्षा को लेकर पुलिस फोर्स तैनात है।
सर्वेक्षण को देखते हुए ज्ञानवापी मस्जिद के आस-पास सुरक्षा को लेकर पुलिस फोर्स तैनात है।

ओवैसी ने कोर्ट के फैसले को हिंसा का रास्ता खोलने वाला बताया
उधर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी सर्वे के फैसले को एंटी मुस्लिम हिंसा का रास्ता खोलने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सेशन कोर्ट की ओर से सुप्रीम कोर्ट की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। इस आदेश से कोर्ट 1980-1990 के दशक की रथ यात्रा के दौरान हुए खून-खराबे और मुस्लिम विरोधी हिंसा का रास्ता खोल रही है। ओवैसी ने कहा कि सर्वेक्षण करने का ऑर्डर 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

ओवैसी ने कहा कि सर्वेक्षण का ऑर्डर 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन है।
ओवैसी ने कहा कि सर्वेक्षण का ऑर्डर 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन है।

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: मुस्लिम पक्ष बोला- दीवारों को उंगली से कुरेदा जा रहा, कल कमिश्नर बदलने की मांग करेंगे

मस्जिद की दीवारों को अंगुली से कुरेदने की कोशिश का आरोप
वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) दिवाकर कुमार की अदालत के आदेश के आधार पर शुक्रवार को 4 बजे ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का काम शुरू हुआ था। सर्वे के बाद दोनों पक्ष बाहर निकले तो एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। वादी पक्ष के अधिवक्ताओं का कहना था कि उन्हें ज्ञानवापी मस्जिद में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहीं, प्रतिवादी पक्ष का कहना था कि मस्जिद की दीवारों को अंगुली से कुरेदने का प्रयास किया गया। मस्जिद में घुसने की कोशिश की गई।

यह फोटो सर्वे के पहले दिन यानी शुक्रवार की है। हंगामेदार स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
यह फोटो सर्वे के पहले दिन यानी शुक्रवार की है। हंगामेदार स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

पांच महिलाओं ने किया है केस
राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने अगस्त-2021 में वाराणसी की अदालत में सिविल वाद दाखिल कर ज्ञानवापी परिसर स्थित मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति मांगी थी। इसके साथ ही ज्ञानवापी परिसर स्थित सभी मंदिरों और देवी-देवताओं के विग्रहों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अदालत से सर्वे कराने का अनुरोध किया था।

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