6 हजार रुपए के लालच में मार डाले थे:वाराणसी में वॉचमैन की हत्या का सर्विलांस की मदद से 7 दिन बाद खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; सभी साथ बैठ कर पिए थे शराब

वाराणसीएक वर्ष पहले
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वाराणसी में वॉचमैन की हत्या का खुलासा करते हुए एसपी (ग्रामीण) अमित वर्मा। - Dainik Bhaskar
वाराणसी में वॉचमैन की हत्या का खुलासा करते हुए एसपी (ग्रामीण) अमित वर्मा।

वाराणसी में फैक्ट्री के वॉचमैन सुमित कुमार तिवारी की हत्या उसके साथ शराब पीने वाले 3 लोगों ने महज 6 हजार रुपए के लालच में की थी। तीनों को लगा था कि सूमित के पास बहुत रुपए हैं। इसलिए सुमित का गला घोंट कर हत्या करने के बाद पर्स और मोबाइल लूट कर उसका शव केराकतपुर छावनी के समीप झाड़ियों में फेंक दिया था। वारदात के 7 दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने यह खुलासा किया।

गिरफ्त में आए आरोपियों की शिनाख्त करनाडाड़ी टंड़िया गांव के सुभाष सिंह चौहान और भदोही जिले के औराई थाना के भक्तापुर गांव निवासी अशोक कुमार गौतम व विनोद सिंह के तौर पर हुई है। तीनों के पास से वारदात में प्रयुक्त ऑटो, सुमित का मोबाइल, एक पर्स, 4 फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस और 2940 रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

सुमित कुमार तिवारी। (फाइल फोटो)
सुमित कुमार तिवारी। (फाइल फोटो)

1 सितंबर को रामनगर से जा रहा था घर

भदोही जिले के औराई थाना अंतर्गत चक सुदामा गांव निवासी सुमित कुमार तिवारी (35) वाराणसी के रामनगर स्थित एक फैक्ट्री में वॉचमैन का काम करता था। बीती 1 सितंबर को सुमित अपने वेतन के 6250 रुपए लेकर भुल्लनपुर क्षेत्र स्थित मौसी के घर गया। भुल्लनपुर से वह रोहनिया गया और वहां शराब पीने के बाद शाम 5 बजे के लगभग पत्नी को फोन किया कि घर आ रहा है। राजातालाब में नेशनल हाईवे पर उसे ऑटो से सुभाष, अशोक और विनोद मिले। तीनों ने सुमित को शराब के नशे में धुत देखा तो उसे ऑटो में बैठा लिए।

बातचीत के दौरान शराब पीने-पिलाने की चर्चा हुई तो सुमित तीनों को पैसा देने के लिए तैयार हो गया। सुमित ने नोटों की गड्‌डी निकाली तो तीनों को लगा कि उसके पास काफी पैसे हैं। तीनों पैसे के लालच में आकर ऑटो में ही सुमित को मारे-पीटे और उसका गमछे से गला घोंट कर हत्या कर दिए। इसके बाद तीनों ऑटो में ही सुमित का शव लेकर घूमते रहे और देर रात केराकतपुर छावनी के समीप सुनसान स्थान देख कर झाड़ियों में शव फेंक दिए। उधर, सुमित की पत्नी और उसके परिजन उसकी खोजबीन में परेशान थे।

गिरफ्तार आरोपियोकं के बारे में जानकारी देते एसपी (ग्रामीण) अमित वर्मा।
गिरफ्तार आरोपियोकं के बारे में जानकारी देते एसपी (ग्रामीण) अमित वर्मा।

2 सितंबर को मिला शव तो शुरू हुई जांच

केराकतपुर छावनी के ग्रामीणों ने 2 सितंबर को लोहता थाने की पुलिस को सूचना दी कि झाड़ियों के बीच एक युवक का शव मिला है। इस सूचना के आधार पर लोहता थाने की पुलिस ने जांच शुरू की। 7 सितंबर को सुमित के भाई अमित ने लोहता थाने जाकर शव की शिनाख्त की। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो सर्विलांस की मदद से पता लगा कि सुमित का मोबाइल और 2 अन्य मोबाइल एक ही जगह बंद हुए हैं। सर्विलांस की ही मदद से उन 2 अन्य मोबाइल को ट्रैक कर पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और उन्हें पकड़ कर पूछताछ शुरू की तो वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझ गई।

चलते ऑटो में की थी हत्या

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अशोक ऑटो चला रहा था। सुभाष और विनोद दोनों पीछे की सीट पर सुमित के साथ बैठे हुए थे। दोनों ने जब सुमित की जेब में गड्‌डी देखा तो अशोक को ऑटो की रफ्तार तेज करने को कहा। ऑटो चलता रहा और सुमित को मारपीट कर गमछे से गला घोंट कर हत्या कर दी गई। एसपी (ग्रामीण) अमित वर्मा ने बताया कि वारदात के खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी चतुर्वेदी, एसआई रजनीश त्रिपाठी, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, संतोष पासवान और लोहता थानाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

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