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रोशनी की ओर चहलकदमी:उजाले जिंदगी में उतरने से पहले सोच की हद में दाखिल होते हैं, ख्यालात रोशन करेंगे तो खुशख्याली आ ही जाएगी

शुनम्यो मसुनो19 दिन पहले
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  • उजाले ज़िंदगी में उतरने से पहले सोच की हद में दाख़िल होते हैं। जब ख़्यालात रोशन होंगे, तो ज़िंदगी में तरतीब और ख़ुशख़्याली आ ही जाएगी। इस पहल में ज़ेन गुरु की सलाहें बहुत मददगार साबित हो सकती हैं।
  • नए साल में, रोशनी की शुभकामनाएं प्राचीन ज़ेन मठ के भिक्षु शुनम्यो मसुनो की पुस्तक से।
  • कुछ सलाहें इतनी मामूली प्रतीत होती हैं कि लगता नहीं इनसे कोई लाभ होगा।
  • मगर इनके असर को देखेंगे, तो जानेंगे कि ये कितने गहरे मायने रखती हैं।

जब भी जूते उतारें तो उन्हें क़तार में सहेजें... इससे आपका जीवन सुंदर होगा

आपके मन की अव्यवस्था आपके पैरों में दिखती है

जाने कब से यह कहा जाता रहा है कि आप किसी घर के प्रवेश कक्ष को देख कर उसके बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं, जहां हम भीतर जाने से पूर्व अपने जूते बाहर उतारते हैं- वे सभी जूते एक पंक्ति में सहेजे गए हैं या वे इधर-उधर बिखरे हुए हैं- आप केवल इसी एक चीज़ को देखकर उस घर में रहने वालों की मानसिक दशा का अनुमान लगा सकते हैं।

ज़ेन बौद्ध धर्म में, हम एक कहावत कहते हैं, ‘आपके पैर के नीचे क्या है, सावधानी से देखें।’ इसका एक शाब्दिक अर्थ है, परंतु इससे यह भी पता चलता है कि जो लोग अपने क़दमों पर ध्यान नहीं देते, वे यह नहीं जान सकते कि उनका जीवन किस ओर जा रहा है। यह भले ही सुनने में अति जैसा लगे, परंतु यह छोटी-सी बात भी आपके जीने के तरीक़े को उल्लेखनीय रूप से प्रभावित कर सकती है।

  • जब आप घर आएं, तो अपने जूते उतार कर, प्रवेश द्वार के पास सफ़ाई से रखें। केवल यही एक बात। इसमें केवल तीन सेकेंड लगेंगे।
  • केवल इस एक आदत को अपनाने से आपके जीवन में सब कुछ पहले से कहीं स्पष्ट, प्रखर और सुव्यवस्थित हो जाएगा। यह आपके जीवन को सुंदर बना देगा। यही मनुष्य की प्रकृति है।
  • जब आप अपने जूते एक पंक्ति में रख रहे हैं तो आप उस ओर अगला क़दम रख रहे हैं, जहां आप जा रहे हैं।

सूर्यास्त का दृश्य देखें... आभार प्रकट करें कि आप एक और दिन जी सके

अपने ‘सनसेट स्टेप्स’ खोजें

टोक्यो के मध्यबिंदु के पड़ोस में यानाका नामक जगह पर ‘सनसेट स्टेप्स’ नामक स्थान है। ये सीढ़ियां अपने-आप में कोई अनूठी नहीं हैं। परंतु अगर आप उस जगह बैठकर आकाश में सही वक़्त पर देखें तो आपको बहुत सुंदर सूर्यास्त का दृश्य दिखाई दे सकता है।

बहुत से लोग उस जगह सूर्यास्त का दृश्य देखने जाते हैं।

मेरा मानना है कि पूरे संसार में ऐसे अनेक अद्‌भुत स्थान होंगे। ग्रामीण इलाक़ों में आप धान के खेतों के बीच से सुंदर सूर्यास्त देख सकते हैं और शहरों में छतों पर सूरज के डूबते गोले को निहारा जा सकता है।

  • आपको सूर्यास्त देखने के लिए ख़ासतौर पर यानाका जाने की ज़रूरत नहीं है। आप किसी भी जगह अपने सनसेट स्टेप्स की खोज कर सकते हैं।
  • ख़ास बात यही है कि आप उस जगह बैठ कर आकाश को निहार सकें। जब शाम ढले तो आकाश को देखें। आपको जीने के लिए एक और पूरा दिन मिला, इसके लिए आभार प्रकट करें। यह क्षण आपकी आत्मा को ऊष्मा से सराबोर कर देगा।

जो भी बेहतर कर सकते हों, वही करने का प्रयत्न करें... यह आपको अच्छी बातों की ओर ले जाएगा।

बादलों का पीछा नहीं करें, आप कभी उन्हें पकड़ नहीं सकेंगे

बादलों को पकड़ने और उनके भागने की एक कथा कही जाती है। आप गर्मी के किसी दिन सुबह के समय खेत में काम कर रहे हैं। आकाश में कहीं बादल नहीं हैं, आप गर्मी महसूस करते हैं। पर तभी आकाश में देखते ही दूर कहीं बादल का टुकड़ा दिखता है।

  • ‘आह, पक्का, उस बादल की ओट में छांव ज़रूर मिल सकती है। वह इस ओर आने ही वाला होगा।’ आप स्वयं से कहते हैं और फिर बादल के आने तक लगातार अपने काम पर ध्यान देते हैं।
  • परंतु सच यही है कि वह बादल आपको छाया देने नहीं आएगा। भले ही आपका पूरा दिन काम करते हुए निकल जाए और आप छाया मिलने की उम्मीद करते रहें।
  • उस आने वाले बादल की उम्मीद करने के बजाय, जो कुुछ और किया जा सकता है, उसे अवश्य करें। अगर आप मन लगा कर काम करेंगे, तो आपको गर्मी का अनुभव ही नहीं होगा। फिर इससे पहले कि आप जानें, बादल आ जाएगा और आपको तरोताज़गी देने वाली ठंडक देगा।
  • यह केवल बादलों पर ही नहीं बल्कि भाग्य या नियति पर भी लागू हो सकता है। जो भाग्यवान हो, उससे ईर्ष्या रखते हुए आपको क्या मिलने वाला है। अपने जीवन में अवसरों के अभाव का रोना रोने से भी कुछ नहीं होगा। बस आज जो करने योग्य है, उसके लिए मेहनत करें। भविष्य निश्चित रूप से आपके लिए प्रस्तुत होगा।

अपने समय को व्यवस्थित करें... यही आपके आपसी संबंधों पर भी लागू होता है।

बहुत अधिक ज़ल्दबाज़ी या शिथिलता नहीं दिखाएं

यह उस घटना के बारे में कहा जाता है, जब एक मुर्गी का बच्चा अंडे से बाहर आता है- पहले भाग में मुर्गी का बच्चा भीतर से खोल को टोंचता है और फिर दूसरे भाग में उसकी मां बाहर से प्रतिक्रिया देते हुए चोंच मारती है ताकि चूज़े को बाहर आने में मदद मिल सके।

यह नाज़ुक स्थिति है, अगर मुर्गी ने चूज़े की तैयारी से पहले खोल तोड़ दिया तो वह मर जाएगा। इसी तरह मुर्गी अंडे के भीतर से आने वाली हर आहट पर पूरी तरह से ध्यान देती है कि उसे कब अपनी चोंच मार कर खोल को तोड़ने में मदद करनी है, ताकि एक स्वस्थ चूज़ा बाहर आ सके।

  • दूसरे शब्दों में, दोनों को ही उपयुक्त समय की प्रतीक्षा करनी है। यह तो स्पष्ट है कि यह बच्चों के पालन-पोषण से जुड़ा है, परंतु इसे दूसरी जगह भी लागू किया जाता है।
  • जब आप किसी को काम का प्रशिक्षण दे रहे हों तो उनके साथ अधीर नहीं बनें और ना ही उन्हें बहुत अधिक विश्रांत होने दें। जब आपको प्रशिक्षित किया जा रहा हो तो यह आपका उत्तरदायित्व बनता है कि आप यह संकेत दें कि आप प्रगति करने को तैयार हैं।
  • बेहतर नतीजे तभी आ सकते हैं, जब दोनों ही पक्ष उचित समय के अनुसार चलें और एक-दूसरे के साथ उचित तालमेल में हों।
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