फिटनेस:साइकिल चलाना संपूर्ण शरीर का व्यायाम है, लेकिन इसके भी कुछ नियम हैं

डॉ. आशीष सिंघल7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

साइकिल चलाना व्यायाम का हिस्सा बन चुका है। कई लोग सुबह के समय व्यायाम करने के बजाय साइकिलिंग कर लेते हैं। इससे शरीर फिट तो रहता है, साथ ही यह हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। वज़न को नियंत्रित करता है, टाइप-2 मधुमेह के जोख़िमों को कम करता है, मांसपेशियों को मज़बूत करता है और गठिया की रोकथाम में भी मदद करता है। पर ये फ़ायदे तब नुक़सान में बदल जाते हैं जब हम साइकिल चलाते वक़्त ग़लतियां करते हैं। अगर साइकिलिंग को व्यायाम के तौर पर कर रहे हैं तो इससे जुड़ी सावधानियां और ज़रूरी बातों का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।

साइकिलिंग किसी भी वक़्त कर सकते हैं। पर कुछ अध्ययनों के मुताबिक़ सुबह के समय यह अधिक फ़ायदेमंद है।

हम क्या-क्या ग़लतियां करते हैं?

  • साइकिल चलाते हैं तो कम किलोमीटर से शुरुआत करने के बजाय एक बार में 10-15 किलोमीटर बिना रुके तय कर लेते हैं।
  • बीच में आराम नहीं करते।
  • इस दौरान खानपान का ध्यान भी नहीं रखा जाता। इससे वज़न घटने के बजाय बढ़ सकता है।

ये है सही तरीक़ा

साइकिलिंग से पहले वॉर्मअप ज़रूर करें। अगर पहली बार साइकिलिंग करने जा रहे हैं तो पहले 2-3 किलोमीटर से शुरुआत करें। धीरे-धीरे इसे बढ़ाते जाएं। अगर क्षमता से अधिक दूरी तय करेंगे तो पैरों में दर्द होगा और शरीर में भारीपन व दर्द महसूस होगा। रोज़ साइकिलिंग की अधिकतम दूरी 10 से 12 किलोमीटर ही होनी चाहिए। साइकिल बहुत तेज़ी से न चलाएं। गति सामान्य रखें। समूह में साइकिलिंग कर रहे हैं तो बातें न करते हुए सिर्फ़ साइकिल चलाएं। ईयर फोन्स लगाना भी उचित नहीं है। सिर्फ़ सड़क पर ध्यान दें। ऐसी जगह या सड़क चुनें जहां अधिक ट्रैफिक न हो। ख़ाली सड़क होने से आप पूरा ध्यान साइकिलिंग पर लगा सकेंगे।

इन्हें साइकिलिंग से बचना चाहिए

  • अगर कमर और घुटनों से संबंधित कोई समस्या है तो साइकिलिंग से पहले चिकित्सक की सलाह लें।
  • अस्थमा के मरीज़ों को या फिर जिन्हें सांस फूलने की समस्या है, उन्हें साइकिलिंग नहीं करनी चाहिए।
  • जिन्हें मिर्गी के दौरे आते हैं उन्हें भी किसी की देखरेख और डॉक्टर की सलाह पर ही साइकिलिंग करनी चाहिए।

आहार पर दें ध्यान

साइकिल चलाने से पहले ज़्यादा भोजन न करें और साइकिलिंग के तुरंत बाद भी भोजन नहीं करना चाहिए। ख़ूब पानी पिएं और रस भरे फलों व जूस का सेवन करें ताकि साइकिलिंग के वक़्त निकलने वाले पसीने की पूर्ति की जा सके।

सुबह का नाश्ता

सुबह के नाश्ते में दलिया खा सकते हैं। चना, मूंग की दाल और सोयाबीन के दाने रात में भिगोकर सुबह नाश्ते में ले सकते हैं। उबले अंडे, ब्रेड, ऑमलेट और एक गिलास मलाईदार दूध भी पी सकते हैं। नाश्ता करके कुछ देर बाद मौसमी फल या ग्रीन टी ले सकते हैं। सूखे मेवे लें जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती रहे।

दोपहर का भोजन

गेहूं की दो रोटियां, सब्ज़ी, दाल और थोड़े-से चावल ले सकते हैं। सूखे मेवे भी खा सकते हैं। खाने के साथ खीरा, चुकंदर आदि का सलाद ज़रूर लें। एक कटोरी दही खाने से पाचन सही रहेगा और ऊर्जा बनी रहेगी।

शाम का नाश्ता

फल, सूखे मेवे, ब्रेड-ऑमलेट और पोहा ले सकते हैं। एक कप ग्रीन टी पी सकते हैं।

रात का भोजन

दो रोटी और दाल के साथ हरी व मौसमी सब्ज़ियों का सेवन ज़रूर करें। रात में तला-भुना खाने से बचें।

खबरें और भी हैं...