सावधानी:बारिश में खानपान में न बरतें लापरवाही, जानिए कैसे सतर्क रह सकते हैं

डॉ. नवीन कुमार17 दिन पहले
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बारिश में अधिकतर लोग कभी न कभी पेट के संक्रमण की समस्या से दो-चार होते ही हैं। कभी पेट में दर्द या जलन तो कभी फूड पॉइज़निंग का ख़तरा। इनसे बचने के लिए खानपान में एहतियात बरतना ज़रूरी है। स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार के साथ-साथ रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी ज़रूरी है। मौसम के अनुरूप ताज़ी सब्ज़ियों और फलों का सेवन करें। साथ ही जो कुछ भी खा रहे हैं उसकी सफ़ाई लेकर थोड़ी सावधानी भी रखें।

इन दिनों क्या खाएं

इस वक़्त भोजन ताज़ा व अच्छी तरह पका हुआ ही खाना चाहिए। सब्जि़यों में लौकी, करेला, टिंडा व परवल जैसी सब्जि़यां खाई जा सकती हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए मसाला चाय का सेवन करें, जिसमें दालचीनी, तुलसी, अदरक, इलायची जैसे मसाले शामिल हों। अगर वॉटर प्यूरीफायर नहीं है तो पानी उबालकर पिएं। भोजन में हल्दी, काली मिर्च और लौंग का प्रयोग इस मौसम में ज़रूर करें।

फलों का सेवन करें

रोज़ एक फल खाना चाहिए, ये तो हम जानते हैं लेकिन इस समय कई लोग फलों के सेवन से भी परहेज़ करने लगते हैं। मौसमी फलों का सेवन ज़रूर करें। इस समय अनार, सेब, नाशपाती और चेरी के साथ ही विटामिन-सी से भरपूर फल खाएं। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और पाचन भी दुरुस्त रखते हैं।

पत्तेदार सब्ज़ियों से बचें

बरसात में मक्खी-मच्छर के साथ-साथ कई प्रकार के कीटाणु पनपते हैं। नमी के कारण हरी पत्तेदार सब्जि़यों में ये बहुत ही सूक्ष्म रूप में चिपके रहते हैं, जो धोने पर भी कई बार नहीं निकल पाते। इस समय पत्तेदार सब्ज़ियों को भोजन में शामिल न करें। इस मौसम में पालक, पत्ता गोभी, बैंगन, टमाटर और फूल गोभी जैसी सब्जि़यां खाने से बचें। इसके अलावा अधिक समय से रखा हुआ भोजन न करें। सी-फूड के सेवन से भी बचें।

मसाले करें शामिल

बारिश में मसालों की अहम भूमिका होती है। इस मौसम में होने वाले श्वास संबंधी रोगों से लेकर खांसी और ज़ुकाम तक से बचाव के लिए मसालों का उपयोग किया जा सकता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत रहता है। ये सिर दर्द, तनाव और बुख़ार में भी लाभदायक होते हैं। भोजन में हल्दी, जीरा, काली मिर्च, लौंग, अजवाइन जैसे मसालों को रोज़ शामिल करें। इससे भोजन तो स्वादिष्ट बनेगा ही, सेहत भी बढ़िया रहेगी।

तैलीय भोजन से बचें

बारिश के मौसम में अक्सर लोग समोसे और चाट-पकौड़ों का लुत्फ़ उठाते हैं, परंतु अधिक मसालेदार खाना पेट के लिए नुकसानदायक साबित होता है। इस मौसम में पेट से संबंधित बीमारियां अधिक होती हैं। इसलिए हल्के व सादे भोजन का ही सेवन करें। हां, शैलो फ्राय कटलेट, सैंडविच आदि खा सकते हैं।

खानपान की दिनचर्या बनाएं

नाश्ता इस समय नाश्ते में इडली, पोहा या फिर पराठा खा सकते हैं। मौसमी फलों का भी सेवन करना लाभदायक रहता है। अगर फल नहीं खाते तो फलों का रस पिएं। इस बात का ख़्याल रखें कि नाश्ते में समोसा-कचौरी जैसे तैलीय खाद्यों के सेवन से बचें।

दोपहर का भोजन इस मौसम में खाना जल्दी नहीं पचता और पाचनतंत्र में भी अधिक तैलीय खाने से दिक़्क़त बनी रहती है। दोपहर के भोजन में मसालेदार सब्जि़यों के बजाय दाल, भिंडी या लौकी की सब्ज़ी, रोटी और सलाद ले सकते हैं। साथ में चाहें तो घर के ताज़े दही से बनी छाछ पी सकते हैं।

रात का भोजन रात में हल्का खाना ही खाएं। चाहें तो सूप पी सकते हैं। ओट्स या फिर दलिया खा सकते हैं और अगर रोटी-सब्ज़ी खाने का मन है, तो लौकी या तरोई की सब्ज़ी और रोटी खा सकते हैं। लेकिन ये रात में देर से न खाएं। सोते वक़्त एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं। इस बात का ध्यान ज़रूर रखें कि दूध भोजन के 1 या 2 घंटे बाद ही लें।

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