बंद मुट्‌ठी तो लाख की:इन 4 बातों का ज़िक्र किसी से ना करें, हो सकते हैं ये नुकसान

12 दिन पहले
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खुली तो फिर ख़ाक की। हमारे जीवन से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें और पहलू ऐसे होते हैं, जिन्हें अपने तक ही सीमित रखना चाहिए। अगर आप इन्हें दूसरों से साझा करते हैं, तो राह में अनावश्यक उलझनें पैदा हो सकती हैं। हो सकता है कि आप अपनी राह से भटक जाएं या कमज़ोर पड़ जाएं। किन बातों को दूसरों से नहीं कहना है, आइए जानते हैं।

योजनाएं और उद्देश्य

सबकी ज़िंदगी में कोई ना कोई लक्ष्य या उद्देश्य ज़रूर होता है। इन्हें आप कैसे हासिल करेंगे, इसकी योजना भी बना रखी होगी। आप इन्हें किसी और के साथ साझा ना करें। आप जितने लोगों से साझा करेंगे, उतने ही नए नज़रिए मिलेंगे और अलग-अलग राय मिलेंगी। इससे आपकी उलझनें बढ़ेंगी जिसके कारण आप अपनी राह से भटक भी सकते हैं। हां, किसी जानकार से मार्गदर्शन लेने के इरादे से लक्ष्य साझा किए जा सकते हैं।

ये करें...

कहकर नहीं बल्कि करके दिखाइए। अगर आप अपने किसी उद्देश्य को हासिल करना चाहते हैं, तो उसे अपने तक ही सीमित रखें। अगर आप किसी नौकरी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो उसे किसी को बताने के बजाए उसमें सफल होकर दिखाएं।

योजनाएं और उद्देश्य

सबकी ज़िंदगी में कोई ना कोई लक्ष्य या उद्देश्य ज़रूर होता है। इन्हें आप कैसे हासिल करेंगे, इसकी योजना भी बना रखी होगी। आप इन्हें किसी और के साथ साझा ना करें। आप जितने लोगों से साझा करेंगे, उतने ही नए नज़रिए मिलेंगे और अलग-अलग राय मिलेंगी। इससे आपकी उलझनें बढ़ेंगी जिसके कारण आप अपनी राह से भटक भी सकते हैं। हां, किसी जानकार से मार्गदर्शन लेने के इरादे से लक्ष्य साझा किए जा सकते हैं।

ये करें...

कहकर नहीं बल्कि करके दिखाइए। अगर आप अपने किसी उद्देश्य को हासिल करना चाहते हैं, तो उसे अपने तक ही सीमित रखें। अगर आप किसी नौकरी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो उसे किसी को बताने के बजाए उसमें सफल होकर दिखाएं।

कमज़ोरी और डर

हर व्यक्ति की कोई ना कोई कमज़ोरी होती है या किसी चीज़ से डर होता है। किसी के लिए उसका परिवार उसकी कमज़ोरी बन सकता है, तो किसी के लिए सिर्फ़ अंधेरा ही काफ़ी होता है डर के लिए। जब ये हमारे सामने आते हैं, तो हम उनका सामना करने के बजाय लोगों से मदद मांगते हैं। पर इसी डर और कमज़ोरी को हमारे ही खिलाफ़ बेपरवाही से इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये करें...

कमज़ोरी या डर चाहे कितना भी छोटा हो, इसे अपने तक ही सीमित रखें। हिम्मत जुटाकर इनका सामना करें। आप एक बार कमज़ोर पड़ेंगे या दो बार पड़ेंगे, लेकिन तीसरी बार बेशक मज़बूती से खड़े हो पाएंगे। अगर फिर भी मदद की आवश्यकता है, तो परिवार से बेहतर सलाह कोई नहीं दे पाएगा।

आय और बैंक बैलेंस

हमारे आसपास मौजूद कुछ लोग अच्छे दोस्त साबित होते हैं, तो कुछ केवल मतलब के लिए साथ होते हैं। ऐसे लोगों को अपना दोस्त और शुभचिंतक मानकर निजी बातें तो बताते हैं, लेकिन साथ में अपनी आय और संपत्ति की जानकारी भी साझा कर देते हैं। आपके खाते में कितना पैसा है, आय कितनी है और एटीएम का पिन नंबर तक की उन्हें जानकारी होती है।

ये करें...

धन, आय और संपत्ति से जुड़ी जानकारी किसी से भी साझा ना करें। फिर वो चाहे कितना भी क़रीबी दोस्त क्यों ना हो। अगर आप अपने आसपास ईमानदार लोग चाहते हैं, तो उन्हें अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में बिल्कुल ना बताएं।

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