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सेहत-सतर्कता:देर रात खाना खाने से क्या-क्या समस्याएं होती हैं और बारिश में ड्रायविंग करते समय किन बातों का ख़्याल रखें, जानिए

नेहा पठानिया, डायटीशियन, पारस हॉस्पिटल, गुरुग्राम, पारस कपूर8 दिन पहले
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देर रात खाना, मुश्किलें बढ़ाना...

आप जो कुछ भी खाते हैं उससे शरीर को ऊर्जा मिलती है, लेकिन अगर आप अवशोषित ऊर्जा का उपयोग करने के लिए पर्याप्त रूप से क्रियाशील नहीं है तो यह ऊर्जा फैट के रूप में शरीर में जमा हो जाती है, जिससे स्वास्थ्य बिगड़ने लगेगा। इसलिए बीमारियों को दूर करने के लिए सही समय पर भोजन के साथ-साथ किस तरह का भोजन करना चाहिए ये पता होना चाहिए। देर रात तक जागने से भूख लगना मुमकिन है और यह नुकसानदेह हो सकता है।
देर रात भोजन करने से होने वाली आम समस्याएं
सोने में परेशानी- जो लोग देर से भोजन करते हैं उन्हें नींद भी देर से आती है। इससे उनका सोने का क्रम या कहें कि सोने का चक्र बिगड़ता है।
ख़राब पाचन —
जब आप रात में देर से खाते हैं तो इससे कई पाचन सम्बन्धी समस्याएं होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खाना ढंग से नहीं पच पाता है इससे पेट में ज़्यादा एसिड बनना शुरू हो जाता है।
वज़न बढ़ना —
रात के समय मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है। इसके अलावा जिस तरह से दिन में कैलोरी बर्न होती है रात में वैसा नहीं होता है। इसलिए रात में देर से खाने से वज़न बढ़ने लगता है।
डायबिटीज़ का ख़तरा —
देर रात भोजन करने पर पाचन में समस्या होती है। इस कारण कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है। इस कारण मधुमेह होने की आशंका रहती है।
सीने में जलन —
देर रात भोजन करने से एसीडिटी और सीने में जलन की समस्या होने लगती है। इसका कारण है कि लोग भोजन करते ही सोने चले जाते हैं, जिस कारण खाना पच नहीं हो पाता और खट्‌टी डकारों के साथ सीने में जलन होने लगती है।
रात के भोजन में क्या खाएं
भोजन में दालें, हरी पत्तेदार सब्जि़यां, करी पत्ते भोजन में शामिल करें। रात में लो-कार्ब फूड का सेवन करें। ऐसा इसलिए क्योंकि लो-कार्ब फूड्स आसानी से पच जाते हैं। रात में भारी भोजन करने से नींद में बाधा आती है।
नमक का सेवन कम करें —
शाम 7 बजे के बाद नमक का सेवन कम करें। हम जानते हैं कि यह कुछ लोगों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण है। नमक शरीर में वॉटर रिटेंशन को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। जब हम शाम 7 बजे के बाद भोजन में ज़्यादा नमक खाते हैं, तो हम हृदय और रक्त वाहिकाओं को ख़तरे में डाल देते हैं।
रात में क्या खाएं —
रात के समय खिचड़ी, दलिया, सलाद और सूप आदि का सेवन करें। भोजन में यदि रोटी-चावल खा रहे हैं तो इन्हें कम मात्रा में खाएं। इसके अलावा सोने के 3 घंटे पहले भोजन का सेवन करें। देर रात खाना मजबूरी हो तो खाने में भरपूर मात्रा में फाइबर लें। इससे पाचन संबंधी समस्या नहीं होंगी।

बारिश में ड्रायविंग करें, ज़रा संभलकर...

कार का सबसे ज़्यादा फ़ायदा बारिश के मौसम में मिलता है। इस समय कार चलाते वक़्त थोड़ी सावधानी भी रखनी पड़ती है और कुछ सामान भी साथ रखना पड़ता है, ताकि ज़रूरत के समय इनका उपयोग कर सकें।
टायर बदलवा लें
बारिश में सड़के गीली रहती हैं और मिट्टी जमा हो जाती है। इसलिए पुराने टायर्स केे धोखा दे जाने का ख़तरा रहता है। अगर आप काफ़ी समय से टायर बदलवाने का विचार कर रहे हैं तो जल्दी ही पुराने टायर बदलवा लें।
रात के सफ़र पर
रात में कहीं जाना है या लंबे सफ़र पर जा रहे हैं, तो टॉर्च रखने के साथ ही हर तरह के टूल्स साथ रखें। कब क्या ज़रूरत पड़ जाए कह नहीं सकते। कोशिश करें कि बारिश के मौसम में रात में सफ़र न करना पड़े, ख़ासकर अनजाने रूट पर।
लाइट्स जांचें
कार की फ्रंट-बैक सभी लाइट्स को चेक कराएं। ख़राब होने पर तुरंत बदलवाएं और लाइट के ग्लास में क्रैक आदि हो तो सुधरवा लें। इससे बारिश में बल्ब शॉर्ट होने से बच जाएगा। तेज़ बारिश हो, रात का समय हो, तो डिपर हमेशा ऑन रखें।
स्पीड पर कंट्रोल
दोस्तों के साथ मौज-मस्ती में तेज़ गाड़ी चलाना कोई नई बात नहीं है। लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है ख़ासतौर से बारिश के समय पर, जब सड़कें गीली रहती हैं और ब्रेक लगाने पर टायर फिसलते हैं। इसलिए गाड़ी की स्पीड पर नियंत्रण रखें।
शॉर्टकट से बचें
अक्सर लोग जल्दी पहुंचने या समय बचाने के लिए कच्चे रास्ते ले लेते हैं। ये शॉर्टकट आपको जल्दी तो पहुंचा सकते हैं लेकिन बारिश के समय मिट्‌टी या गढ्डे आदि में फंसने पर मुसीबत हो सकती है। इसलिए इस मौसम में पक्के रास्तों से ही जाएं।
फुटकवर पर डोर मैट
बारिश में कीचड़-मिट्‌टी के कारण पैर गंदे हो जाते हैं। इन्हीं पैरों को लेकर कार में बैठेंगे तो कार भी गंदी होगी और फुटकवर भी। इसलिए बारिश के मौसम में डोर मैट्स का फुटकवर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।

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