वित्तीय सुरक्षा:नन्हे मेहमान के आने से पहले वित्तीय सुरक्षा का बिछौना भी बना लें

डॉ. संजय मित्तल, सीनियर बैंकर एंड डॉक्टर ऑफ मैनेजमेंट17 दिन पहले
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घर में एक नन्हे मेहमान का आना किसी उत्सव से कम नहीं होता। जिस प्रकार किसी उत्सव के आने से पहले बहुत-सी तैयारियां करनी होती हैं वैसे ही नन्हे मेहमान के आने से पहले भी तैयारियां करनी होती हैं। इस दौरान गर्भावस्था के दौरान के परीक्षणों से लेकर उसके पैदा होने और स्कूल जाने तक के ख़र्चों को वहन करने के लिए माता-पिता अपनी सारी पूंजी लगा देते हैं। मां और बच्चे की नियमित जांचें, खिलौने और अन्य ज़रूरतें भी एक बड़े वित्तीय भाग की दरकार रखती हैं। इसके लिए पहले से तैयार रहें।

वित्तीय योजना बनाएं
अपनी आय या फिर घर ख़र्च के बजट में से बचाए हुए पैसों से किसी अच्छे बैंक में रेकरिंग डिपॉज़िट खोलें या म्युचुअल फंड में एसआईपी में निवेश करें। अगर आप 10 हज़ार रुपये प्रति महीने से एक साल की रेकरिंग डिपॉज़िट खोलते हैं तो आपको एक साल बाद अंदाज़न 1 लाख 24 हज़ार रुपये (अंदाज़न ब्याज की दर छह प्रतिशत ) प्राप्त होंगे। अगर आप किसी अच्छे म्युचुअल फंड में 10 हज़ार रुपये प्रति माह एक साल के लिए एसआईपी में निवेश करते हैं तो लगभग 1 लाख 40 हज़ार रुपये (अंदाज़न दर दस प्रतिशत) प्राप्त कर सकते हैं। अपनी शादी में मिले हुए शगुन के पैसों की फ़िज़ूलख़र्ची न करें और इनको अपने आने वाले बच्चे के स्वागत के लिए संभाल कर रखें।

ख़र्चों का बजट बनाएं
अस्पताल के बिलों का अंदाज़ लगाएं और उसके लिए अलग से बजट रखें। अगर आपने स्वास्थ्य बीमा लिया हुआ है तो उसमें मातृत्व यानी मैटरनिटी ख़र्च का प्रावधान है या नहीं, यह ज़रूर पता कर लें। अगर प्रावधान शामिल है तो आपको उसके लिए अलग से पैसों की व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं है। बच्चे के जन्म से पहले और जन्म के बाद आपको कई तरह के ख़र्चों के लिए तैयार होना पड़ेगा जैसे कि उसके नए कपड़े, खिलौने, प्राम से लेकर, चिकित्सक की फीस आदि। अगर आप एक कामकाजी महिला हैं तो आपको बच्चे के लिए आया का इंतज़ाम भी करना पड़ेगा। इन सारे ख़र्चों का बजट बनाएं और अपनी आमदनी के साधनों का आकलन करें।

जन्म बाद की योजना
बच्चे के आने के बाद उसके बेहतर भविष्य के लिए पहले ही दिन से बचत शुरू करें। सबसे पहले अपने स्वास्थ्य बीमा में बच्चे का नाम शामिल करें या उसके लिए अलग से एक नई बीमा पॉलिसी ख़रीदें। बच्चे के नाम पर एक बचत बीमा योजना शुरू करें। अगर आपका नन्हा मेहमान लड़की है तो उसके नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश शुरू करें। बच्चे के आने के बाद उसको मिले हुए शगुन की उसके ही नाम पर फिक्स्ड डिपॉज़िट खोलें। कई राज्यों में शिशुओं के लिए, ख़ासतौर पर बेटियों के लिए भी योजनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ उन्हें दिया जा सकता है।

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