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अपनी हिंदी- कविता:शब्दों में भेद को पचानने और जागरूकता लाने को लेकर पढ़ें अपनी हिंदी और ज़िंदगी की हार-जीत पर आधारित कविता पढ़िए...

विवेक गुप्ता, अशोक खन्ना14 दिन पहले
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अपनी हिंदी- अहं नहीं है अहम

परी कथाएं हम सभी ने पढ़ी हैं। परिकथा कम ने पढ़ी होगी, नाम अवश्य सुना होगा। इसलिए, संभव है कि कुछ लोग परिकथा को परीकथा लिख देते होंगे। चूंकि फणीश्वरनाथ रेणु की "परती परिकथा' एक चर्चित कृति है, इसलिए मुमकिन है कि कुछ लोगों ने परी कथा की सही वर्तनी परिकथा मान ली हो। इसी तरह, अताउल्लाह ख़ान के मशहूर गीत "अच्छा सिला दिया तूने...' के कुछ प्रशंसक हो सकता है कि सिला और शिला में भ्रमित हो जाते हों और एक की जगह दूसरे का प्रयोग कर बैठते हों। अभी जिस तरह हड़बड़ाहट का दौर चल रहा है और तुरत-फुरत की मानसिकता हावी है, इस तरह की ग़लतियां आम हो चली हैं। दरअसल, परी कथा और परिकथा में ज़मीन, आसमान का अंतर है। वैसे ही शिला और सिला में भी। परी कथा, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, परियों से संबंधित है। दूसरी तरफ़, परिकथा का अर्थ होता है- अंतर्कथा, अनुकथा। एक कहानी के अंतर्गत उसी के संबंध की दूसरी कहानी। रेणु के उपन्यास के शीर्षक में "परती' का अर्थ है, ऐसा खेत या ज़मीन जो बिना जोते छोड़ दी गई है। इसी तरह, सिला यानी बदला, प्रतिकार, इनाम। और शिला मतलब पत्थर, पाषाण, चट्‌टान। सिल-बट्‌टा का सिल शब्द शिला से जुड़ा है, लेकिन ध्यान रहे कि यहां श बदलकर स हो गया है। अहम और अहं में भी ग़लती होती है। अहम यानी महत्वपूर्ण, जबकि अहं यानी मैं, स्व और अहंकार। इसे अहम् भी लिखा जाता है। अत: अहम और अहम् (अहं) को अलग-अलग समझें। ऐसे ही, नियत (निश्चित, पाबंद, नियमबद्ध) और नीयत (इच्छा, इरादा) को भी अच्छी तरह पहचान लें। शब्दों को लेकर जागरूकता ज़रूरी है।

कविता- हार भी ज़रूरी

जि़ंदगी हार की ही बनती है, हार से घबरा न जाना.. जीत पाने के लिए है, हार पाना भी ज़रूरी। केवल निराशा की बनी रेखा नहीं है, आस का ही बना है चित्र मिटता... आस पाने के लिए है, निराशा भी ज़रूरी। दुर्भाग्य की ही बनी है धूल सी स्नात किंतु होती हर हार में कुछ बात भाग्य चित्र रचने को, है दुर्भाग्य रेखा भी ज़रूरी। चित्र मिट कर स्वप्न के अमूर्त होने गीत लिख कर फिर नयन में रोने मुस्कान पाने के लिए है अश्रु बहना भी ज़रूरी। दर्द को रहने दो गीत की ही ताक पर सर्द आहों को पलने दो मन की आग पर गीत पाने के लिए है दर्द पाना भी ज़रूरी। जीत पाने के लिए, है हार पाना भी ज़रूरी।

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