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गीत:होली को खुशी से मनाने और रंज-मलाल को दूर करने को लेकर पढ़िए ये गीत

वसुधा कौशिक21 दिन पहले
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डालो रंग गुलाल, आई फिर होली है, छोड़ो रंज -मलाल आई फिर होली है।

धानी चुनरिया, रंग बासंती, गोपिन गाल -गुलाल।

डालो रंग गुलाल आई फिर होली है, छोड़ो रंज-मलाल आई फिर होली है।

महक रहे हैं महुआ-टेसू अंबुआ पे छाई बहार,आई फिर होली है।

फूल उठे कचनार, आई फिर होली है। नैन भए रतनार ,आई फिर होली है।

झांझर की बजी झनकार, कहैं सब होरी है। शीतल मदिर बयार, आई फिर होली है।

डालो रंग गुलाल आई फिर होली है , करो न कोई सवाल, आई फिर होली है, होरी है भई होरी है, छोड़ो रंज-मलाल

डालो रंग गुलाल आई फिर होली है, छोड़ो रंज-मलाल आई फिर होली है।

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