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मिथक और सत्य:आहार और फिटनेस से जुड़े कुछ ऐसे मिथक, जो हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं

डॉ. अदिति शर्मा13 दिन पहले
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  • हमारी सेहत और खान-पान से जुड़ी कुछ ऐसी भ्रांतियां हैं, जिन्हें हम सच मान बैठे हैं।
  • पर यही भ्रांतियां हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा रही हैं।

मिथक

एक या एक से ज़्यादा महीने तक कसरत न करने पर मांसपेशियां वसा में बदलने लगती हैं।

सत्य

यह अवधारणा सही नहीं है। वैज्ञानिक रूप से ऐसा होना संभव नहीं है। वसा की कोशिकाएं और मांसपेशियों की कोशिकाएं अलग-अलग होती हैं और वे आपस में अपने गुण और स्वभाव को नहीं बदल सकतीं। जब हम व्यायाम करना बंद कर देते हैं तो शरीर द्वारा की जाने वाली ऊर्जा की खपत बदलने लगती है। बहुत कम कैलोरी जलती है, मांसपेशियां सिकुड़ना शुरू हो जाती हैं और वसा की कोशिकाएं फैलने लगती हैं। इसके कारण शरीर में बदलाव नज़र आने लगते हैं। अब चूंकि कसरत से कैलोरी बर्न नहीं हो रही है, और अधिक कैलोरी आहार में शामिल कर रहे हैं, तो ज़ाहिर है कि वज़न बढ़ेगा।

मिथक

कितनी भी मात्रा में ताज़ा जूस पीना स्वास्थ्यप्रद होता है।

सत्य

किसी भी चीज़ की अति नुकसानदायक ही होती है। यह बात तरल पदार्थों के सेवन पर भी लागू होती है। जब हम ताज़ा जूस पीते हैं, तो उसमें फल या सब्ज़ी के विटामिन और खनिज अच्छी मात्रा में मिल जाते हैंै। हालांकि रोज़ाना बहुत ज़्यादा जूस पीना किडनी पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। बहुत ज़्यादा ताज़ा जूस पीने से शरीर में शर्करा अनियंत्रित हो सकती है। चूंकि जूस में अतिरिक्त शर्करा होती है इसलिए इसमें कैलोरी भी ज़्यादा होती है। इसके अलावा जूस में फाइबर नहीं होता इसलिए फलों या सब्ज़ियों को खाना सेहत के लिए बेहतर है।

मिथक

फल सब्ज़ियों जितने स्वास्थ्यप्रद होते हैं।

सत्य

फल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं लेकिन केवल फलों को ही नहीं खाना चाहिए। कुछ फलों में सुक्रोज़, फ्रुक्टोज़ और ग्लूकोज़ व अन्य मिठास के रूपों की मात्रा बहुत अधिक होती है। अतिरिक्त फ्रुक्टोज़ को नुकसानदायक माना जाता है। सेब, अंगूर, और तरबूज़ में ये प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। विटामिन और आयरन, फोलेट, एंटीऑक्सीडेंट, पर्याप्त फाइबर और अन्य पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए फलों के साथ सब्ज़ियों का सेवन संतुलित रूप से करना महत्वपूर्ण है।

मिथक

अगर खाने का मन न हो, तो न खाएं।

सत्य

खाना न खाना वज़न कम करने का सबसे आसान रास्ता नज़र आता है। वहीं कई बार जब मन नहीं करता, तब भी खाना नहीं खाते। लंबे समय तक खाना न खाने से शरीर का मेटाबोलिज़म कम हो जाता है, कम ऊर्जा जलती है और बाद में सामान्य भोजन करने से वज़न बढ़ सकता है। इसके अलावा भोजन न खाने से ऊर्जा का स्तर भी कम हो जाता है जिससे थकान महसूस होने लगती है।

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