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शुभ परम्परा की शुरुआत के दिन:नवरात्र में करें नए जीवन की शुरुआत, अच्छी आदतें अपनाएं और नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं

11 दिन पहले
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नवरात्र में महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। घर या वाहन ख़रीदना, गृहप्रवेश, दुकान का शुभारंभ, नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए इन दिनों की प्रतीक्षा की जाती है। माना जाता है कि पर्व के पवित्र दिनों में आरम्भ किए जाने से कार्य सफल होंगे। तो क्यों न नवरात्र में कुछ ऐसे क़दम उठाए जाएं जो स्वयं के लिए शुभकारी हों और समाज के लिए भी।

नवरात्र में इनका शुभारम्भ कर आप इन्हें अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। देवी आराधना और साधना के दिनों से शुरू होकर ये आपकी आदत का हिस्सा बन जाएंगे।

पौधरोपण की परिपाटी

सनातन संस्कृति में वृक्षों में विभिन्न देवी-देवताओं का निवास माना जाता है। यह मान्यता उनकी शुभता को इंगित करती है। नवरात्र के पावन दिनों में आप पौधरोपण करने का संकल्प लें। यदि आप संयुक्त परिवार में रहते हैं तो घर के हर सदस्य को नवरात्र के अलग-अलग दिन एक-एक पौधा लगाने की जिम्मेदारी दें। इस तरह आप नवरात्र के बहाने एक वर्ष में नौ पौधे लगा चुके होंगे।

विश्वास कीजिए, वर्तमान में मिट्‌टी, पानी, हवा और जीव-जंतुओं के लिहाज़ से इससे बढ़कर शुभ कार्य नहीं हो सकता।

जल्दी उठने का श्रीगणेश

यदि आप जल्दी नहीं उठ पा रहे हैं तो नवरात्र के रूप में आपको एक ऐसा अवसर मिल रहा है, जिससे यह आदत बदली जा सकती है। पर्व-उत्सव का अर्थ ही है सकारात्मकता और जल्दी उठने से अधिक दिन की सकारात्मक शुरुआत और क्या हो सकती है! अत: नवरात्र के प्रथम दिवस से ही प्रतिदिन आप जिस समय जागते हैं, उस समय से 10 मिनट जल्दी उठना शुरू कर दें।

ऐसा करने से आप नवमी तक 90 मिनट यानी पहले की तुलना में डेढ़ घंटे जल्दी उठना शुरू कर चुके होंगे।

कपड़े की थैली का उपयोग

यदि बाजार रहे हैं तो हर बार अपने साथ कपड़े की थैली लेकर जाएं। जल्द ही आपको एहसास होगा कि कपड़े की थैली का इस्तेमाल कितना सुविधाजनक है और इससे पर्यावरण पर कोई बोझ भी नहीं पड़ता। इस तरह से धीरे-धीरे आप प्लास्टिक के उपयोग को कम कर देंगे और प्लास्टिक पन्नियों के चलते होने वाली विभिन्न परेशानियां दूर होंगी।

कपड़े की थैली इस्तेमाल करने की यह कोशिश आजीवन आदत बन जाएगी, जो प्रकृति और सभी जीवों के लिए मंगलकारी होगी।

सात्विक आहार की शुरुआत

यदि हम व्रत नहीं रखते हैं, तब भी हम बाहर का तला-गला, मिर्च-मसालेदार खाना नज़रअंदाज तो करते ही हैं। यदि आप चाहते हैं कि कॉलेस्ट्रॉल, शुगर, मोटापा नियंत्रित रहे और आप हर दिन स्वस्थ व ऊर्जावान महसूस करें, तो इस संकल्प को हमेशा के लिए अपना लें। सात्विक भोजन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है।

इस तरह स्वस्थ रहते हुए आप अपने परिवार और समाज के लिए बेहतर योगदान दे पाएंगे।

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