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सौंदर्य-घरेलू उपचार:समय से पहले झुर्रियां पड़ने की समस्या आम है इसे कैसे दूर करें जानते हैं और एसिडिटी की समस्या से घरेलू उपचार राहत दिला सकते हैं

रितिका कृत संस्थापक, कैमरी- निधि सिंह आहार विशेषज्ञ, एचसीएमसीटी12 दिन पहले
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बारीक लकीरें मिट सकती हैं

तनावपूर्ण जीवन व त्वचा की सही देखभाल न करने के कारण समय से पहले झुर्रियां पड़ना आम हो गया है। ख़ासतौर से युवाओं में ये समस्या अधिक देखी जा रही है। इस वक़्त घर पर हैं तो कुछ आसान से उपाय आज़माकर इन फाइन लाइंस को कम कर सकते हैं।

- कॉफी स्क्रब
कप पिसी हुई कॉफी, दो बड़े चम्मच नारियल का तेल, कप ब्राउन शुगर और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर लेकर मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर लगाकर हल्के हाथों से स्क्रब करें। पांच मिनट तक स्क्रब करने के बाद गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में एक बार करें। कॉफी त्वचा को मुलायम और स्निग्ध बनाती है। ब्राउन शुगर त्वचा को एक्सफॉलिएट करती है। स्क्रब का इस्तेमाल त्वचा को ढीला होने से बचाता है।
- शहद-ज़र्दी पेस्ट
दो चम्मच शहद, एक अंडे का पीला भाग यानी ज़र्दी लें और इसमें बहुत थोड़ा-सा पानी मिलाएं। अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट तैयार करें और चेहरे व गर्दन पर लगाएं। सूख जाने पर ठंडे पानी से धो लें। अंडे और शहद का यह मास्क त्वचा को कसा हुआ रखने में मदद करता है।
- फ्रूट फेस मास्क
एक चम्मच एलोवेरा जैल, एक छोटा टुकड़ा पका पपीता, एक संतरे का टुकड़ा (बिना बीज वाला), एक छोटा टुकड़ा स्ट्रॉबेरी लें और सभी को ब्लेंडर में डालकर तब तक ब्लेंड करें जब तक कि चिकना पेस्ट जैसा न बन जाए। पेस्ट को चेहरे पर लगाकर धीरे-धीरे मालिश करें। यह पैक तैलीय त्वचा वालों के लिए फ़ायदेमंद है।
- एलोवेरा जैल
एलोवेरा की पत्ती से जैल निकालकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें। सूखने के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें। बेहतर परिणाम के लिए इसे हफ्ते में तीन से चार बार लगाएं। एलोवेरा में मैलिक एसिड होता है, जो त्वचा में कसावट लाता है।

पेट को भी मिलेगी ठंडक

रोज़मर्रा की आदतें जैसे बहुत अधिक कैफीन का सेवन, तेज़ मसालों से या अधिक तले-भुने भोजन के कारण या फिर कम पानी पीने से भी एसिडिटी का शिकार बन सकते हैं। इन सभी से शरीर के प्राकृतिक पीएच स्तर में बिगड़ता है और पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। अगर आपको यह समस्या सप्ताह में दो बार से अधिक होती है, तो आपको एसिड रिफ्लक्स नामक एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग कहते हैं।

एलोवेरा जूस
एलोवेरा पेट को साफ़ और विषाक्त पदार्थों से मुक्त रखने में मदद कर सकता है। इसमें जलनरोधी गुण होते हैं। इसमें अमीनो एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है, जो एसिडिटी के स्तर को कम करता हैं और शरीर को ठंडा करते हैं। इसलिए यह तुरंत राहत प्रदान करने के लिए एक विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता है।
कैसे खाएं — एलोवेरा की पत्तियों से गूदा निकालें और इसे पानी में मिलाएं। एक-दो चम्मच जूस को एक गिलास पानी में मिलाकर पिएं। जल्द राहत पाने के लिए इसे दिन में 2-3 बार पिएं।

मसालों से राहत
भले ही मसालों की वज़ह से आपको हार्टबर्न हो सकता है, लेकिन रसोई में मिलने वाले कुछ मसालों से एसिडिटी में राहत भी पा सकते हैं
कैसे खाएं — पैन में एक गिलास पानी उबालें। इसमें जीरा, इलायची, अदरक पाउडर और लौंग डालें। इस काढ़े को थोड़ा गाढ़ा हो जाने दें और फिर इसे ठंडा करके पिएं। स्वाद के लिए इसमें गुड़ भी मिला सकते हैं।

ये भी प्रभावी तरीक़े
तुलसी — तुलसी की पत्तियों को एक गिलास पानी में 5 मिनट उबालें। ठंडा होने दें और फिर छानकर काढ़ा पी जाएं।
सौंफ — सौंफ़ को चबाकर खाएं या पानी में उबालकर काढ़ा पी लें। सौंफ से पेट को ठंडक मिलती है।
पाइनएप्पल जूस — पाइनएप्पल का ताज़ा जूस भी पी सकते हैं। अन्नानास में विटामिन, मिनरल्स और ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होते हैं, जो पेट में एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

इनसे बचें
- कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें क्योंकि ये पेट के पीएच स्तर में गड़बड़ी पैदा करते हैं।
- जब आप एसिडिटी से पीड़ित हों, तो नींबू, संतरा और अंगूर जैसे फलों से बचना चाहिए। ये बेहद एसिडिक हैं, इसलिए इनसे रिफ्लक्स बढ़ सकता है।

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