पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Madhurima
  • The Security Of The Gadget Should Be Strengthened In Such A Way That Cybercrime Is Continuously Increasing, Know How

सतर्कता:साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है ऐसे में गैजेट की सुरक्षा पुख्ता होनी चाहिए, कैसे कर सकते हैं, जानिए

काज़िम रिज़वी, टैक्नोलॉजी एक्सपर्ट/कुणाल किसलय, सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्टएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • आजकल के समय में जिस रफ़्तार से साइबर सुरक्षा तरक्की कर रही है उसी रफ़्तार से साइबर हैकर भी अपनी तकनीकों को विकसित कर रहे हैं, अपने गैजेट्स की सुरक्षा पुख़्ता कीजिए।

अपने फ़ोन और लैपटॉप पर स्टोर निजी डाटा को साइबर हमलों से बचाने के लिए अत्याधुनिक सुरक्षा कवच की ज़रूरत है। इस बात को तकनीकी कम्पनियां भली-भांति समझती हैं और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई-नई तकनीकें लाती हैं। इसी तर्ज़ पर इस लेख के ज़रिए हम कुछ काम की जानकारियां लेकर आए हैं, जिसमें डाटा चोरी होने से बचाना, एप इंस्टॉल के समय किन बातों का ख़्याल रखना है, पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करते समय क्या करना है आदि, तो आइए जानते हैं कि कैसे हम कई समस्याओं से बच सकते हैं वो भी थोड़ी-सी सतर्कता अपनाकर।

एप में भी हो पासवर्ड
फ़ोन मे स्क्रीन लॉक लगाना तो ज़रूरी है ही साथ ही महत्वपूर्ण है अपने अन्य एप को भी पासवर्ड के माध्यम से सुरक्षित रखना मतलब यदि पासवर्ड नहीं है तो कोई फोन लेकर आपकी चैट पढ़ सकता है। उसी प्रकार ये भी अनिवार्य है कि उपयोगकर्ता अपने चैट का क्लाउड में बैकअप बनाने वाले फीचर को बंद करके रखे क्योंकि बैकअप का डाटा गूगल ड्राइव या आई-क्लाउड सर्वर पर स्टोर रहता है और वहां से हैक किया जा सकता है। ​​​​पासवर्ड कैसा हो
फ़ोन की सिक्योरिटी का सबसे पहला क़दम है फ़ोन का पासवर्ड, जो कि मुश्किल होना चाहिए। ऐंड्रॉइड इस्तेमाल करने वाले आसान पैटर्न पासवर्ड रखते हैं इस बात का ध्यान रखें कि आसपास कोई आपका पैटर्न तो नहीं देख रहा है। एकदम सामान्य पैटर्न जैसे कि C या U न रखें। आइफ़ोन का फ़ेस रेकग्निशन बहुत सुरक्षित है, लेकिन यह कभी-कभी काम नहीं करता। ऐसे में संख्याओं वाले पासवर्ड का ऑप्शन दिए जाने पर 4 नहीं 6 संख्याओं वाला विकल्प चुनें।
बैंक संबंधी जालसाज़ी
हर बैंक अपने ट्रांज़ैक्शन के पहले ओटीपी भेजता है। जब भी किसी वेबसाइट पर आपका ओटीपी मांगा जाए तो उस मैसेज में सिर्फ़ ओटीपी न देखें, पूरा मैसेज पढ़ें। ऐसा न हो कि आपको सौ रुपए का ट्रांज़ैैक्शन करना है और किसी फ्रॉड वेबसाइट ने हज़ार या दस हज़ार की रिक्वेस्ट रेज़ कर दी। ऐसे में अगर आप ओटीपी दे देते हैं तो बैंक भी आपकी मदद नहीं कर सकता क्योंकि आपने ख़ुद ही मैसेज पढ़े बिना उन्हें ओटीपी दे दिया है।
एप इंस्टॉलेशन में सावधानी
समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें ताकि उसे हैक करना मुश्किल हो। किसी नए एप को इंस्टॉल करते वक़्त ध्यान दें कि उसे आपके फ़ोन में से कौन-सी जानकारी चाहिए। सारे फ़ोटोज़ या फिर लोकेशन वग़ैरह के लिए विकल्प ख़ुद सिलेक्ट करें। पहले से सिलेक्टेड ऑल फ़ोटोज़ या फिर लोकेशन में ऑल्वेज़ को टिक न करें।

ज़्यादा सोशल न हों
सोशल मीडिया पर भी हमें एक हद तक ही सोशल होना चाहिए। जैसे अपना फोन नंबर साइट्स पर डालना कोई समझदारी का काम नहीं है। अगर कोई हैकर या ट्रोलर परेशान करे तो उसे रिपोर्ट करना हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारी है। इसके लिए सोशल मीडिया मंे ‘रिपोर्ट’ विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं।

खबरें और भी हैं...