निदान की पर्ची:पाचन तंत्र को मजबूत करने में कारगर हैं ये घरेलू उपाय

डॉ. अभिषेक गुप्ता12 दिन पहले
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सवाल...

मैं 19 साल का हूं। शौच जाने के बाद भी मेरे पेट में भारीपन रहता है। मैंने अनेक आयुर्वेदिक इलाज करवाए पर कोई फ़ायदा नहीं मिला। कृपया मुझे घरेलू उपचार बताएं?

-हिमांशु कुमावत, ई-मेल पर

जवाब...

  • आपने जो समस्या बताई है, ऐसी स्थिति ज़्यादातर कमज़ोर पाचन और पेट में खाने को पचने में मदद करने वाले एंजाइम (जिसे आयुर्वेद की भाषा में पेट की अग्नि या पित्त कहते हैं) के बिगड़ने के कारण होती है। इसके कारण हम जो कुछ भी खाते हैं वह ठीक से पच नहीं पाता जिससे पेट और आंतों में कच्चा आहार रह जाता है, जो पेट में मौजूद रसों में लिपटने के कारण (कच्चा आहार) चिपचिपा-सा हो जाता है। आयुर्वेद में इस स्थिति को ‘दूषित आम रस’ कहते हैं।
  • आपको जो दिक़्क़त हो रही है वो इसी कारण से हो रही है। इसके लिए आपको अपने खाने-पीने में विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। देर से पचने वाले भोजन का बिलकुल भी सेवन ना करें जैसे कि राजमा, छोले, पूड़ी, पराठा, मैदे से बनी चीज़ें, बासी खाना, मिठाई, दूध आदि।
  • इसके साथ-साथ आपको तली-भुनी चीज़ें, मिर्च-मसाले वाला खाना, अचार, खटाई आदि का बिल्कुल भी सेवन नहीं करना है क्योंकि पेट की अग्नि मंद या कमज़ोर होने के कारण आप ऐसे आहार को सही से पचा नहीं पाएंगे।
  • खाने में हल्के और आसानी से पचने वाले आहार जैसे सब्ज़ियों के सूप, पतली सब्ज़ियां, खिचड़ी, पतली दाल, उपमा, पोहा, चीला, इडली आदि का सेवन करें।
  • साथ ही गुनगुने पानी में आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर दिन में लें और खाना तब ही खाएं जब भूख लगे। बिना भूख के कुछ भी ना खाएं, दिन के समय ताज़े पके मौसमी फलों का सेवन भी कर सकते हैं।
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