बाग़वानी:क्या करें जब बारिश का पानी गमलों में भर जाए, जानिए इसका समाधान

आर. एस. यादव, बाग़वानी विशेषज्ञ17 दिन पहले
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बरसात का पानी पौधौं के लिए बहुत अच्छा होता है। इससे पौधौं की बढ़वार अच्छी होती है। परंतु जब यही पानी गमले में भर जाता है तो पौधों को नुक़सान भी पहुंचाता है। पौधों के आसपास पानी भरने से इनकी जड़ें गलने लगती हैं।
छोटे-छोटे गमलों को थोड़ा-सा तिरछा करके अतिरिक्त पानी निकाला जा सकता है, लेकिन बड़े गमलों को उठाना संभव नहीं है। लिहाज़ा हर छोटे-बड़े गमलों के लिए कुछ सुझाव अज़माए जा सकते हैं।
ऊंचाई पर रखें
बड़े और भारी गमलों को हल्का-सा तिरछा करें और उसके नीचे एक पत्थर रख दें। गमला तिरछा होने की वजह से अतिरिक्त पानी निकलता रहेगा। इसके अलावा गमलों को दो समतल पत्थर या किसी ठोस वस्तु पर रख दें। ऊंचाई पर होने से गमलों के छेद बंद नहीं होंगे और पानी की निकासी खुली रहेगी। छोटे गमलों के नीचे भी पत्थर रख सकते हैं। अगर गमलों के नीचे प्लेट रखी है तो उसे ज़रूर हटा दें।
निकासी बढ़ाएं
गमलों में पानी निकासी के लिए जहां छेद होता है, उस जगह एक बड़े पेचकस या सरिया से आधे गमले तक छेद कर दीजिए। छेद बड़ा होने से पानी आसानी से निकल जाएगा।
छाया का इंतज़ाम
गमलों को बरसात में खुला रखने के बजाय छाया में रखने की कोशिश करें। गमलों के ऊपर पन्नी का शेड बना सकते हैं जिसे कभी भी खोला जा सके। जब हल्की बारिश हो तो इसे खोल दें, ताकि पौधों को आवश्यकतानुसार बरसात का पानी मिले और ये सुरक्षित भी रहें।
मिट्‌टी में भूसी मिलाएं
गमले की मिट्‌टी में नारियल की जटाएं या लकड़ी का बुरादा मिला सकते हैं। ये अतिरिक्त पानी को अवशोषित कर लेगा और गमले में पानी नहीं भरेगा। अगर नया पौधा लगा रहे हैं तो गमला भरते समय धान की भूसी (पैडी हस्क) का इस्तेमाल करें। सबसे पहले इसे गमले में 4-5 इंच तक भर दें। थोड़ी-सी मिट्‌टी भरने के बाद पौधा लगाएं और फिर मिट्‌टी डालें। इससे जलभराव की स्थिति नहीं आएगी और पौधा भी अच्छा बढ़ेगा।
देखभाल करते रहें
बरसात में गमलों की मिट्‌टी की गहरी गुड़ाई अवश्य करें। कम से कम दो बार किसी भी फंगीसाइड का स्प्रे पौधों पर अवश्य करें। इसके अलावा अनावश्यक खरपतवार उग आते हैं तो उन्हें जड़ सहित निकाल दें।
री-पॉटिंग करें
बरसात में पौधों की री-पॉटिंग अवश्य करें। गमले में टूटे हुए गमले के टुकड़े डालें। फिर मिट्‌टी डालकर पौधा लगाएं ताकि छेद खुला रहे। पुरानी मिट्‌टी है तो उसमें से सूखी जड़ें और पत्तियां अवश्य हटा दें क्योंकि इनके कारण ही पानी की निकासी सबसे ज़्यादा बाधित होती है।

पौधों का सुरक्षा कवच

एकसाथ बहुत सारे गमलों को प्रोटेक्टर से ढका जा सकता है। हरे या सफेद रंग की शीट को गमलों के ऊपर शेड की तरह लगा सकते हैं। हर गमले में नेट शीट भी बांध सकते हैं। इससे हवा पौधों को मिलेगी और बारिश का सीधा पानी भी नहीं लगेगा। अगर आप गारबेज बैग इस्तेमाल करते हैं तो हर गमले को इससे ढंक सकते हैं। अगर अतिरिक्त डिब्बे हैं जो गमले के बराबर या उससे बड़े हैं तो छोटे-छोटे पौधों पर इन्हें उल्टा रखकर ढंक सकते हैं। अगर गाड़ी का कवर है तो उसे भी पौधों के ऊपर डालकर पानी से बचाया जा सकता है।

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