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  • When Joining A Group Of Social Media Or Messaging Apps, Always Keep Some Things In Mind

जानकारी:सोशल मीडिया या मैसेजिंग एप्स के ग्रुप में शामिल हों तो कुछ बातों का हमेशा ख़्याल रखें

अमन राजपूत8 दिन पहले
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  • सोशल मीडिया व कई मैसेजिंग एप्स में समूह बनाने का चलन है।
  • अगर आप भी ग्रुप में हैं तो कुछ बातों का ख़्याल रखना बेहद ज़रूरी है, जानिए क्यों...

हम सभी किसी न किसी ग्रुप में जुड़े हैं। एक-दो नहीं, कई-कई ग्रुप्स से। कभी परिवार का ग्रुप तो कभी दोस्तों के तो कभी दफ़्तर के साथियों का ग्रुप, आजकल ऑनलाइन सामान बेचने के लिए भी कई ग्रुप्स बनाए जाते हैं। लेकिन ग्रुप में शामिल हैं तो ज़रा संभलकर इसका इस्तेमाल करें और कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें, ताकि आपको किसी के सामने शर्मिंदा न होना पड़े।

 ग्रुप में जोड़ने से पहले पूछना ज़रूरी है
अगर आपने दोस्तों का ग्रुप बनाया है तो ऐसा न हो कि आप अपने सभी दोस्तों को बिना पूछे जोड़ते जाएं क्योंकि ज़रूरी नहीं है कि आपके सभी दोस्त एक-दूसरे को जानते हों, जैसे कि कुछ आपके स्कूल दोस्त होंगे तो कुछ कॉलेज के। इसलिए आपके जोड़े जाने यानी उनको एड करने के बाद हो सकता है कि कोई ग्रुप ‘लेफ्ट’ कर दे यानी छोड़ दे। जब भी किसी को ग्रुप में एड करें तो पहले उनसे अनुमति ले लें उसके बाद जोड़ें। ये बात हर ग्रुप के लिए लागू होती है।
 ग्रुप में संवेदनशील पोस्ट न भेजें
कुछ लोग ख़ुद को अपडेट दिखाने की होड़ में कोई भी ख़बर फटाफट भेज देते हैं, बिना ये सोचे कि वो किस पर कैसा असर कर सकती है। इसलिए यदि कोई संवेदनशील तस्वीर या ख़बर है तो उसे ग्रुप में साझा न करें। बाक़ी के सदस्यों को भी ऐसा करने से रोकें।
 ग्रुप में किसी पर भी निजी बातें न हों
अक्सर लोग ग्रुप पर किसी एक व्यक्ति को लेकर बात करने लगते हैं जो उस ग्रुप में एड नहीं होता। बात बढ़ते-बढ़ते उसकी निजी ज़िंदगी तक पहुंच जाती है। इसलिए ग्रुप में किसी भी व्यक्ति को लेकर बातचीत करें तो निजी बातों से दूरी बनाएं। अगर किसी ने शुरू भी की है तो आप उन्हें पहले ही रोक दें, क्योंकि हो सकता है कि जब उस व्यक्ति को ये सब पता चले तो उसे दुख हो और वो आप पर भरोसा न करे।
 ग्रुप में काम की हो बात
कुछ ग्रुप्स इसलिए बनाए जाते हैं, ताकि ज़रूरी जानकारी सभी के साथ साझा की जा सके। लेकिन कुछ लोगों की आदत होती है वे चुटकुले, फॉरवर्ड मैसेज या फिज़ूल की जानकारियां भेजते हैं। ऐसे में पहले ही ग्रुप पर इस बात की जानकारी दे दें कि ग्रुप पर इस तरह के मैसेज करने पर संबंधित व्यक्ति को रिमूव कर दिया जाएगा। इसके अलावा ‘ओनली एडमिन’ का ऑप्शन भी सिलेक्ट कर सकते हैं, जिसमें सिर्फ़ ग्रुप का एडमिन ही मैसेज भेज सकेगा और बाक़ी लोग सिर्फ़ उसे पढ़ सकेंगे।
 ग्रुप का नाम न बदलें
आपको ग्रुप में एड किया है तो एड होने पर ग्रुप का नाम न बदलें। कई लोग एड होते ही ग्रुप का नाम और तस्वीर बदलने लगते हैं। ऐसा करना ग़लत है, इसलिए जब भी नाम या तस्वीर बदलें तो पहले एडमिन से इस बारे में चर्चा कर लें। बिना अनुमति के बदलाव न करें।
 ग्रुप में ख़ास मैसेज का जवाब
कई बार ऐसा भी होता है कि ग्रुप में जब तक हम किसी बात का रिप्लाई देते हैं तब तक यदि ग्रुप में कुछ और नए मैसेज आ जाएं तो वो मैसेज ऊपर निकल जाता है और हमारी बात उन नए मैसेजेस के बाद पोस्ट होती है। इसलिए सटीक रिप्लाई करना चाहते हैं तो जिस मैसेज का जवाब देना है उस मैसेज पर क्लिक करके रिप्लाई करें। इससे साफ़ हो जाएगा कि आप किस बात पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

किसी एक को मैसेज के लिए
यदि ग्रुप के किसी एक सदस्य को कुछ बताना या लिखना है तो @ के बाद नाम लिखें। इससे जब भी वो व्यक्ति ग्रुप खोलेगा तो उसे नोटिफिकेशन दिखेगा कि उसे टैग किया गया है। और वो उस मैसेज का जवाब आसानी से दे सकेगा।

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