अहा! ज़िंदगी:अहा! ज़िंदगी के अक्टूबर अंक की चुनिंदा स्टोरीज़ पढ़ें यहां सिर्फ़ एक क्लिक पर

6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

प्रत्येक प्रेरणा आपके भीतर है। आप उसे एक बार आवाज़ तो दें और उस आवाज़ को सुनें, फिर देखें...

प्रेरणा कहीं बाहर नहीं होती, यह आपके भीतर ही मौजूद होती है, बस आपके पुकारने की देर भर है

हम यदि देने के सुख को ठीक से न समझें तो हो सकता है सुख भी अधूरा ही मिले...

देने का सच्चा सुख प्राप्त करने के लिए पहले यह जानना ज़रूरी है कि क्या दिया जाए और कैसे दिया जाए

हिंदी सिनेमा अक्सर ‘देने के सुख’ को कभी सहजता के साथ, तो कभी अपनी नाटकीय शैली में व्याख्यायित करता रहा है...

फ़िल्मों ने भी बताया है कि देने का सुख कितना बड़ा होता है, एक नज़र ऐसी ही चंद फ़िल्मों के मशहूर दृश्यों पर

दान के महत्व पर हमारी परम्परा में कई कथाएं हैं, वहीं चार प्रमुख दानवीर वर्णित हैं, ये वीर हैं-दधीचि, बलि, शिबि और कर्ण...

भारतीय सनातन संस्कृति दान की संस्कृति है, ऐसे ही चार दानवीरों की कथाएं जिन्होंने दूसरों के उद्धार के लिए सर्वस्व त्याग दिया

जानवर अपनी प्रजाति को बीमारी से बचाने के लिए त्याग की जिस सीमा तक जाते हैं...हम मनुष्य उस बारे में सोच भी नहीं सकते...

सिर्फ़ मनुष्य ही नहीं पशु-पक्षी भी रखते हैं आपस में सामाजिक दूरी, ज़रूरत पड़ने पर हो जाते हैं 'क्वारंटाइन'

सांची के प्रसिद्ध तोरणों पर बुद्ध के जीवन की घटनाओं में भी बुद्ध की छवि कहीं नहीं है, केवल उनके प्रतीक हैं...

सांची में स्थित हैं बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण स्तूप, यहां पर बुध्द को प्रतीकों के रूप में सुंदरता से दर्शाया गया है

बैलगाड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली और जीप-कारों में जाती बरातों के बाद आज वह दिन आया है जबकि बरात हेलीकॉप्टर से आकर इतिहास बना रही है...

ग्रामीण परिदृश्य में हेलीकॉप्टर से लौटी बरात पर यह व्यंग्य समाज की कई सच्चाइयों और विद्रूपताओं को रेखांकित करता है

खबरें और भी हैं...