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  • Animals Are The Best Friends Of Humans, Some Such Real Life Incidents Show That Humans Cannot Have Any Better Friend Than Animals

यारियां:मनुष्यों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं पशु, ऐसी ही कुछ असल जीवन की घटनाएं जो दर्शाती हैं कि मनुष्यों का पशुओं से अच्छा कोई और दोस्त नहीं हो सकता

पद्मनाभ3 महीने पहले
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  • प्रेम की भाषा मनुष्य क्या दुनिया के सभी जीव भलीभांति समझते हैं और एक बार यदि वे मित्रता कर लेते हैं तो पीछे नहीं हटते।
  • ऐसी कई घटनाएं दुनियाभर में सामने आती हैं जब पशुओं ने मित्रता और स्नेह की ऐसी मिसालें पेश कीं जो मनुष्यों में भी दुर्लभ जान पड़ती हैं।

प्रेम की भाषा मनुष्य क्या दुनिया के सभी जीव भलीभांति समझते हैं और एक बार यदि वे मित्रता कर लेते हैं तो पीछे नहीं हटते। ऐसी कई घटनाएं दुनियाभर में सामने आती हैं जब पशुओं ने मित्रता और स्नेह की ऐसी मिसालें पेश कीं जो मनुष्यों में भी दुर्लभ जान पड़ती हैं।

श्वानों की निष्ठा...
जापान के शिबुआ स्टेशन पर जब प्रोफ़ेसर हिदेसाबुरो पहुंचते थे तो उनका पालतू कुत्ता हचिको भी उन्हें स्टेशन लिवाने पहुंच जाता था। प्रोफ़ेसर की मृत्यु के बाद भी हचिकाे स्टेशन जाता रहा। पूरे 9 साल, 9 महीने और 15 दिनों तक। वहीं चेन्नई में रहने वाले एक व्यक्ति ने कुछ साल पूर्व एक श्वान को गोद लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मृत्यु हो गई लेकिन उसके श्वान को इस बात का विश्वास नहीं हुआ और वह उसकी क़ब्र पर 15 दिनों तक बैठा रहा, उसके लौट आने के इंतज़ार में। यहां तक कि वह बारिश में भी वहां से नहीं उठा और अपनी भूख-प्यास भी वह भूल गया था।
इसी तरह अमेरिका में जाॅन नामक एक आर्मी ऑफ़िसर की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इस घटना से उनके पालतू लेब्राडॉर को गहरा सदमा पहुंचा और वह ताबूत के आगे डट गया और किसी को भी जॉन के शव को ले जाने नहीं दिया।

पेंग्विन की दोस्ती...
नौ साल पहले जोआ पेरिरा नामक शख़्स ने रियो डी जेनेरिया के निकट एक आइलैंड से एक पेंग्विन की जान बचाई थी। पेंग्विन भूखा और तेल में भीगा हुआ था। जोआ ने उसे बचाया ओर नाम दिया दिनदिम। वो दोनों दोस्त बन गए। जोआ ने और उसे तैरने के लिए प्रेरित भी किया लेकिन वह उसे छोड़कर नहीं गया।

कुछ समय बाद दिनदिम ख़ुद ही अपने झुंड के पास वापस चला गया। लेकिन दिनदिम जोआ को नहीं भूला और हर साल 8 हज़ार किमी तैरकर वह जोआ से मिलने ब्राज़ील आता है और कुछ समय उसके साथ रहता है।

और भी हैं मिसालें...

रीटाबूप नामक एक सोशल मीडिया यूज़र ने एक पोस्ट शेयर की थी जिसने लोगों का दिल जीत लिया था। दरअसल उक्त महिला ने ऑस्ट्रेलिया में वलाबी नामक एक जीव को बचाया था जो कि कंगारू की तरह दिखाई देता है। वह छोटा-सा वलाबी जब बड़ा हुआ तो वह अपने बच्चे को लेकर महिला से मिलने के लिए आया। साथ ही वह समय -समय पर अपने मनुष्य मित्र से मिलने आता है और अक्सर बाहर किसी के दिखाई न देने पर दरवाज़े पर दस्तक भी देता है।

इसी कड़ी में मनुष्यों के अपने पालतू चिम्पैंज़ी, बिल्लियों, पक्षियों से मैत्री की कहानियां भी कम नहीं हैं।

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