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  • The Costume Of Bengal Is Not Limited To A White Sari With A Red Border, The Men Wear A Punjabi Dhoti, The Women's Costume Is Very Elaborate.

देशभूषा:लाल बॉर्डर वाली सफ़ेद साड़ी तक सीमित नहीं है बंगाल की वेशभूषा , पुरुष पहनते हैं पंजाबी नामक धोती तो महिलाओं की वेशभूषा है बहुत

ज्योत्स्ना पंत श्रीवास्तव17 दिन पहले
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  • पश्चिम बंगाल की लाल बॉर्डर वाली सफ़ेद साड़ी से हर कोई परिचित है।
  • भले ही पश्चिम बंगाल में दिखने वाली देवी-पूजा के रंग यहां की वेशभूषा की पहचान बन चुके हैं, लेकिन यहां की पारम्परिक वेशभूषा इतने तक ही सीमित नहीं है। आइए जानें...

लाल पार सादा साड़ी यानी लाल बॉर्डर की सफ़ेद साड़ी बंगाली महिलाओं की पहचान है। देवी पूजा के दौरान महिलाएं, ख़ासकर सुहागनें यही पहनती हैं। साड़ी का सफ़ेद रंग शुद्धता और लाल रंग उर्वरता (प्रजनन क्षमता) का प्रतीक है। लाल पार साड़ी के लिए राज्य का मुर्शिदाबाद ज़िला प्रसिद्ध है। यह तीन प्रकार की होती है- गोरोद, कोरियाल और तांत। गोरोद यानी महंगे सिल्क से बनी साड़ी। कोरियाल का आशय सुनहरे धागों से बने बूटी व मोटिफ़ से सजी साड़ी से है। वहीं सूती की साधारण डिज़ाइन वाली साड़ी तांत कहलाती है। लाल पार के अलावा जामदानी, ढाकई जामदानी, तांत, मसलिन कॉटन साड़ियां भी प्रसिद्ध हैं।

ढाकई जामदानी :
माना जाता है कि इस साड़ी की जड़ें बांग्लादेश के ढाका से जुड़ी हैं। जामदानी साड़ी की ख़ासियत है, इसका पन्ना हज़ार पैटर्न यानी गोल्डन, सिल्वर धागों से बनाए गए ख़ूबसूरत फूल। यह हाथों से बनाई जाती है और हज़ार मोटिफ़ बनाने में समय भी अधिक लगता है।

बलूचरी :
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले के पास स्थित बलूचरी में सिल्क से बनाई जाती है यह साड़ी। इसमें पौराणिक गाथाओं को सोने के धागों से उकेरा जाता है, इसलिए इसे स्वर्णाचरी साड़ी भी कहते हैं।

टसर सिल्क :
पश्चिम बंगाल के मालदा जि़ले में टसर सिल्क का उत्पादन किया जाता है। जामदानी और बलूचरी साड़ियों का बेस अधिकतर टसर सिल्क ही रहता है। इस साड़ी में पारंपरिक और कंटेम्प्ररी कलमकारी मोटिफ़ देखने को मिलते हैं और यह गहरे रंगों में ही अधिक मिलती है।

तांत :
पश्चिम बंगाल में सबसे ज़्यादा पहनी जाती है तांत की साड़ी। कॉटन की इस साड़ी में पेसले यानी केरी, फूल आदि मोटिफ़ देखने को मिलते हैं। यह रोज़मर्रा में पहनी जाने वाली साड़ी है।

पुरुष पहनते हैं पंजाबी
बंगाली पुरुष सफ़ेद रंग की धोती के साथ कुर्ता पहनते हैं, जिसे पंजाबी कहते हैं। पंजाबी टसर सिल्क, कॉटन सिल्क या मंूगा सिल्क से बनाए जाते हैं, जिन पर गले और बटन-होल के पास खूबसूरत कांथा एम्ब्रॉयडरी होती है। गोरोद सिल्क कुर्ते क्रीम, बेज और शहद के रंगों में मिलते हैं, जो शादी के अलावा विशिष्ट अवसरों पर पहने जाते हैं।

बंगाली दुल्हन के आभूषण

दुल्हनों की पारंपरिक पोशाक लाल बनारसी साड़ी है, जिसके साथ सोने के जे़वर पहने जाते हैं पारंपरिक लाल पार सिल्क साड़ी और बलूचरी साड़ी भी शादियों में पहनी जाती है।

मांग टीका और मुकुट
दुल्हन शोलापीठ से बना सफ़ेद रंग का मुकुट पहनती हैं, जिसे टोपोर भी कहते हैं। इसमें पेसले, मोर के डिज़ाइन प्रचलित हैं। दूल्हे भी विशेष डिज़ाइन का टोपोर पहनते हैं। कुछ दुल्हनें शोनार (सोने का) मुकुट भी पहनती हैं, जो उनके परिवार के रुतबे का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ मांग टीका व माथा पट्‌टी पहनी जाती है।

कान बाला
ये कई प्रकार के हैं, जैसे- कानेर डुल (पूरे कान को कवर करने वाला) या कनफूल, कान पाशा (ओवरसाइज़्ड स्टड), कान बाला (चांदबाली और झुमके की डिज़ाइन वाला) और झुमके। ये सोने के होते हैं।

नकचाबी और नथ
रत्नों से सजी नोज़पिन को नकचाबी कहते हैं, जिसे शादी में दुल्हनें व सुहागनें पहनती हैं।

शोनार हार
ये तीन प्रमुख प्रकार के होते हैं : चेकिया (चोकर), पंचनोली (पांच लड़ों का) या सतनोली (सात लड़ों का) हार और फूलों की डिज़ाइन वाला सीता हार, जो सबसे लंबा होता है।

कंगन और अनंता
बाजू़बंद को अनंता कहते हैं, जो सोने का होता है। सोने के चौड़े कंगन को बाला कहते हैं, जो आमतौर पर दुल्हन को उसकी मां या सास द्वारा दिया जाता है। महिलाएं लाख भरे हुए सोने के हाफ़ कट कंगन बऊटी भी पहनती हैं। सोने के घुमावदार डिज़ाइन वाले अमृतापाकेर बाला (कंगन) भी विशेष मौक़ों पर पहने जाते हैं, जिनके एक हिस्से में ख़ूबसूरत मोटिफ़ होता है। शादी में लड़की को लोहा बाधनो कंगन ससुराल पक्ष द्वारा दिया जाता है, जो शाखा पोला की तरह लड़कियां हमेशा पहनती हैं।

शाखा पोला
बंगाली महिलाएं यही चूड़ी पहनती हैं। शाखा यानी सफ़ेद और पोला यानी लाल चूड़ियां, जो शंख से बनाई जाती हैं। शादी की रस्मों के साथ ही पूजा के दौरान महिलाएं इसे पहनती हैं। यह सुहाग की निशानी मानी जाती है।

रतनचूर और मंताशा
यह हाथफूल की तरह है, जिसे दुल्हन कलाई पर बांधती है। मंताशा में ब्रेसलेट से एक अंगूठी जुड़ी होती है।

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