कोरोना का ट्रेंड:कैम्ब्रिज के विशेषज्ञ ने कहा-भारत में कोरोना का वर्तमान ट्रेंड बहुत तेज, पर तैयारी बेहतर

16 दिन पहले
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  • जून, जुलाई में हुए राष्ट्रीय सीरो सर्वे में 68% लोगों में एंटीबॉडीज पाई गई थीं।
  • ताजा सर्वे मेें एंटीबॉडी का स्तर अधिक मिला है-अगस्त में मुंबई में 87% और अक्टूबर में दिल्ली में 97 %।

बमुश्किल सात माह पहले डेल्टा वैरिएंट की घातक लहर ने देश को झकझोर डाला था। इकोनॉमिस्ट के मौतों के ट्रैकर के अनुसार भारत में कोविड से विश्व में सबसे अधिक लगभग 50 लाख मौतें हुई थी। निस्संदेह भारत एक अन्य विराट लहर के मुहाने पर है। पिछले साल वायरस के भीषण प्रकोप की सही भविष्यवाणी करने वाले इंडिया कोविड ट्रैकर के निर्माताओं में शामिल पॉल कटुमैन ने वायरस के फैलाव के वर्तमान ट्रेंड को बहुत तेज(सुपर एक्सपोनेंशियल) बताया है। 5 जनवरी को वायरस के फैलने की दर देशभर में 2.69% रही। झारखंड में यह दर 5% के डरावने स्तर तक पहुंच चुकी है।

नई लहर कितनी भी भयावह क्यों ना हो पर इस बार भारत की तैयारी बेहतर है। लगभग 45% आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। वैक्सीनेशन की ऊंची दर वाले देशों के मुकाबले भारतीयों में हाइब्रिड प्रतिरोध क्षमता (वैक्सीन-संक्रमण) ज्यादा है। यह स्थिति दक्षिण अफ्रीका के समान है जहां सबसे पहले ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला था। वहां वायरस की लहर उतार पर है। महामारी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि भारत में भी यह वैरिएंट कम घातक साबित होगा। भारत का मेडिकल सिस्टम अपेक्षाकृत रूप से अधिक तैयार है। डॉक्टरों का कहना है,उनकी टीमें अब अधिक सक्षम हैं। देश में ऑक्सीजन की क्षमता 50% बढ़ी है।

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