यहूदियों के प्रति रुख:अमीरात, मोरक्को सहित कई देशों में यहूदियों को नागरिकता, नगद सहायता

4 महीने पहले
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  • अरब देशों में इजरायल के प्रति रुख में बदलाव आया

उत्तर यमन पर नियंत्रण करने वाले हूती विद्रोहियों का नारा है- इजरायल की मौत और यहूदियों का खात्मा। इसलिए किसी को आश्चर्य नहीं हुआ जब उन्होंेने अपने कब्जे के इलाके से यहूदियों के एक समूह को खदेड़ दिया। आश्चर्य तो यहूदियों को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शरण मिलने से हुआ था। यूसुफ हमदी और उनका परिवार अमीरात में शरण लेने वाले पहले यमनी यहूदी हैं। देश में यहूदियों को बसाने के लिए मुफ्त मकान, कार और मासिक नगद सहायता दी जा रही है। मोरक्को से लेकर खाड़ी तक कई अरब देश यहूदियों का स्वागत कर रहे हैं। उन्हें नागरिकता दे रहे हैं। इसके कई कारण हैं। अरब राष्ट्रवाद और इस्लामीकरण की ज्यादतियों और विफलता ने कई देशों को अपनी कट्‌टर धारणाओं को बदलने के लिए मजबूर किया है।

इजरायल बनने के बाद अरब शासकों ने यहूदियों को बड़ी संख्या में देश के बाहर कर दिया। उन्हें संपत्ति और नागरिकता के अधिकारों से वंचित कर दिया गया था। अभी हाल के वर्षों में बदलाव आया है। मिस्र, सऊदी अरब,अमीरात में अरबों, यहूदियों के मिश्रित कार्यक्रम होते हैं। अरब फिल्मों और टीवी शो में यहूदियों का बेहतर चित्रण होता है। डॉक्यूमेंट्री फिल्मों में उनकी विरासत बताई गई है। कई अरब विश्वविद्यालयों में यहूदी इतिहास के विभाग खोले गए हैं। सऊदी अरब में हिब्रू भाषा के कार्यक्रम होते हैं। सऊदी पाठ्यपुस्तकों से यहूदी विरोधी पाठ निकाल दिए हैं।

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