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  • Governments Spent Rs 126 Lakh Crore On The Pandemic. Spent; Their Interference Will Increase In Every Field 21 November 2021

शासन तंत्र की ताकत:सरकारों ने महामारी पर 126 लाख करोड़ रु. खर्च किए; हर क्षेत्र में उनका दखल बढ़ेगा

17 दिन पहले
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  • राजनेताओं और अफसरशाही की ताकत का लगातार विस्तार

अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन ने एक बार कहा था, अपना ध्यान केवल इस तथ्य पर केंद्रित करें कि सरकार कितना खर्च कर रही है। आज उनकी आंखें आश्चर्य से फैल जातीं। दुनियाभर में सरकारों ने कोरोना वायरस महामारी पर 126 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। यह कुल वैश्विक जीडीपी का 16% है। वर्तमान अनुमानों के अनुसार 2026 में हर बड़े देश के जीडीपी में सरकार खर्च की हिस्सेदारी अधिक होगी। अमेरिका कल्याणकारी कार्यों पर 13 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करेगा। यूरोप 63 लाख करोड़ रुपए का निवेश फंड बना रहा है। सरकारी खर्च में भारी बढ़ोतरी के साथ जापान का नए तरह का पूंजीवाद लागू करने का इरादा है। सरकारों का आकार बढ़ने से नुकसान और फायदे भी हैं।

आने वाले दशकों में सरकारों की आर्थिक गतिविधियों का और अधिक विस्तार होगा। विश्व के बीस प्रतिशत देशों ने शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। इससे सरकारी खर्च बढ़ेगा। ब्रिटेन ने 2050 तक जीडीपी के अनुपात में सरकारी ऋण 21 प्रतिशत रखने का विचार किया है। कार्बन उत्सर्जन घटाने के प्रोत्साहन उपायों पर खर्च बढ़ेगा और विकास दर धीमी पड़ेगी। कई देशों में बुुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है। इस वजह से स्वास्थ्य सुविधाओं और पेंशन खर्च में वृद्धि होगी। सरकारों के बढ़ते हस्तक्षेप से उदारवादियों का निराश होना स्वाभाविक है।

सरकारी खर्च में बढ़ोतरी का ट्रेंड इन तीन कारणों से है-1. अफसरशाही और राजनेताओं को फायदा । 2. सरकारी सेवाओं, सुविधाओं की बढ़ती लागत। 3. वोटरों की अपेक्षाएं और मांग। बेकाबू अफसरशाही हमेशा अपनी स्थिति,अधिकारों का रक्षा करती है। उसका विस्तार करती है। सरकार के विस्तार में राजनेताओं के अपने हित और फायदे हैं। सरकार का आकार और दखल बढ़ने से लंबी अवधि में कई नुकसान हैं। संस्थागत नाकामी और भ्रष्टाचार बहुत व्यापक और आम हो जाता है। लोग गरीब होते हैं और व्यक्तिगत आजादी सीमित होती है।

60 ‌वर्षों में सरकारों का खर्च लगातार बढ़ा
विकसित और अमीर देशों के क्लब ओसीईडी में पिछले छह दशकों में सरकारों का खर्च लगातार बढ़ा है। कुछ देश इस ट्रेंड से बचे रहे। 2019 में जीडीपी में जर्मन सरकार के खर्च का हिस्सा 2006 के बराबर ही था। सरकारों के आकार में बढ़ोतरी आधुनिकता का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

जीडीपी में सरकारी खर्च का प्रतिशत
45% अमेरिका
60% फ्रांस
50% जर्मनी
42% ब्रिटेन
35% जापान

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