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  • Had The Epidemic Not Spread, There Was A Possibility Of Trump Winning, Even Though He Had Harmed The Country On Many Fronts.

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अमेरिकी चुनाव:ट्रम्प की जीत के अवसर केवल 5%, महामारी न फैलती तो उनके दोबारा राष्ट्रपति बनने की अधिक संभावना थी

3 महीने पहले
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  • राष्ट्रपति ने पिछले चार वर्षों में अमेरिका के लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया
  • जो बाइडेन विभाजित देश को एकजुट करने और स्थिति बेहतर बनाने में सक्षम

इकोनॉमिस्ट ने चुनाव को ध्यान में रखकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल पर नजर डाली है। मैग्जीन ने अमीर और गरीब देशों में जन्मदर पर वायरस महामारी के प्रभाव का भी विश्लेषण किया है।

चार सालों में राजनीति पर गुस्सा हावी रहा है। भेदभाव और पक्षपात बढ़ गया है। झूठ और जिम्मेदारी से बचने की भावना के बीच कोरोना वायरस महामारी ने कदम बढ़ाए हैं। इसकी सबसे अधिक जवाबदारी ट्रम्प की है। इकोनॉमिस्ट का चुनावी मॉडल डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के अवसर केवल पांच प्रतिशत बताता है। दूसरी ओर यदि महामारी का प्रकोप न होता तो ट्रम्प दोबारा राष्ट्रपति चुने जा सकते थे। उनके कार्यकाल में कामगारों की आय हर साल बढ़ी है। छोटे कारोबार चमके हैं। लेकिन, उन्होंने अमेरिका के लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया है। संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की है।

अमेरिका की समस्याओं का इलाज करने के लिए डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडेन के पास कोई जादुई दवा नहीं है। लेकिन, वे अच्छे आदमी हैं। व्हाइट हाउस में स्थिरता और शराफत बहाल कर सकते हैं। बाइडेन बुरी तरह आहत देश को एकजुट करने की मुश्किल जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं। कोविड-19 महामारी न होती तो ट्रम्प की नीतियां उनकी आसान विजय का रास्ता बना सकती थीं। महामारी से पहले सबसे गरीब कामगारों का वेतन 4.7% सालाना की दर से बढ़ रहा था। छोटे कारोबारियों का आत्मविश्वास 30 वर्ष में सबसे अधिक ऊंचाई पर था। उन्होंने, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाकर अपने वोटरों को खुश किया है।

अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट को तहस-नहस कर डाला है। इजरायल और तीन मुस्लिम देशों के बीच शांति समझौता कराया है। चीन को अहसास हो गया है कि अमेरिका अब उसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी मानता है। ट्रम्प ने कई आपत्तिजनक कदम भी उठाए हैं। कुछ नियम खासतौर से पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर हुई हैं। इमिग्रेशन अधिकारियों ने अप्रवासी बच्चों को उनके माता-पिता से अलग किया है। नए लोगों के प्रवेश पर रोक से अमेरिका की जीवंतता प्रभावित होगी।

उत्तर कोरिया, ईरान और मध्य पूर्व में शांति जैसी पेचीदा समस्याओं का हल खोजने में उनकी स्थिति पूर्व सरकारों जैसी है। ट्रम्प ने अमेरिका की लोकतांत्रिक संस्कृति को नुकसान पहुंचाया है। अश्वेत जार्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद लोगों की आहत भावनाओं पर मरहम लगाने की बजाय ट्रम्प ने श्वेतों-अश्वेतों के बीच तनाव बढ़ाया है। उन्होंने, शांतिपूर्ण प्रदर्शनों ‌को वामपंथी हिंसा करार दिया है।

60% वोटर दूसरी पार्टी के लोगों को देश के लिए खतरा मानते हैं

ट्रम्प के शासनकाल में देश राजनीतिक तौर पर बुरी तरह विभाजित हुआ है। वोटर स्टडी ग्रुप के अनुसार पांच में से एक अमेरिकी का कहना है,अगर दूसरी पार्टी चुनाव जीतती है तो हिंसा जायज हो सकती है। दो राजनीति विज्ञानियों-लिली मेसन और नाथन कलमो के एक सर्वे में बताया गया है कि 60 प्रतिशत वोटर सोचते हैं, दूसरी पार्टी के सदस्य अमेरिका के लिख खतरा हैं। 40 प्रतिशत से अधिक वोटर उन्हें शैतान मानते हैं। 20 प्रतिशत वोटर दूसरी पार्टी के लोगों को जानवर कहते हैं।

ट्रम्प ने कोविड-19 महामारी से निपटने के मामले में डेमोक्रेटिक पार्टी के गर्वनरों को बलि का बकरा बनाया है। उन्होंने, डिसीज कंट्रोल प्रिवेंशन सेंटर जैसी अमेरिका की विश्वस्तरीय संस्थाओं को नीचा दिखाया है। मास्क सहित अन्य वैज्ञानिक उपायों की खिल्ली उड़ाई है। उन्होंने चुनाव जीतने को प्रमुखता देते हुए महामारी के बारे में झूठ पेश किए। ट्रम्प ने सहयोगी देशों को हल्के तौर पर लिया है। ट्रम्प जैसा खराब राष्ट्रपति यदि चार साल के लिए फिर चुना जाता है तो आगे जाकर ये सब नुकसान और अधिक बढ़ जाएंगे।

ट्रम्प के प्रतिद्वंद्वी बाइडेन पिछले चार वर्षों में हुए नुकसान की थोड़ी भरपाई करने में सक्षम हैं। वे देश में मेलजोल और सद्भभाव का रास्ता तैयार कर सकते हैं। वे क्रांतिकारी नहीं हैं लेकिन उन्होंने, सरकारी खर्च जीडीपी का 3% बढ़ाने का वादा किया है। इमिग्रेशन बढ़ाने का इरादा जताया है। वे अच्छे प्रशासक हैं। विशेषज्ञों की सलाह सुनते हैं। टकराव से बचते हैं। बाइडेन और उनकी उपराष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस अपनी पार्टी के उग्र तत्वों को नियंत्रित कर सकते हैं। डेमोक्रेटिक प्रत्याशी की भारी जीत से रिपब्लिकन पार्टी को भी फायदा होगा। पार्टी रंगभेद के आधार पर समाज को बांटने की नीति से पीछे हटेगी। ट्रम्प विरोधी रिपब्लिकन नेता कहते हैं, ट्रम्प ने पार्टी को नैतिक तौर पर दिवालिया बना दिया है। उनकी पार्टी को नए सिरे से खड़े होने की जरूरत है।

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