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  • It Will Be Possible To Make A Vaccine Even Before The Virus Spreads, Scientists Named The Technique Mutational Scanning 8 August 2021

मेडिकल साइंस से उम्मीद भरी खबर:वायरस फैलने से पहले ही वैक्सीन बनाना संभव होगा, वैज्ञानिकों ने तकनीक को नाम दिया म्यूटेशनल स्कैनिंग

3 महीने पहले
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कोरोना वायरस ने मेडिकल साइंस की दिशा बदल दी है। महामारी के दौरान सामने आई नई टेक्नोलॉजी से लोगों के इम्यून सिस्टम को भावी वायरस,बैक्टीरिया के खिलाफ प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार किया जा सकेगा। डीएनए सीक्वेंसिंग टेक्नोलॉजी और आधुनिक मशीन लर्निंग से अब जानना संभव हो गया है कि वायरस के कौन से वैरिएंट सक्रिय हैं। उनके कितना बदलने की संभावना है। आने वाले महीनों और वर्षों में वायरस के नए स्वरूप को समझकर उसके हिसाब से वैक्सीन और इलाज के तरीके विकसित किए जा सकेंगे। फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर, सिएटल, अमेरिका में वायरोलॉजिस्ट डॉ. जैसी ब्लूम और उनके साथियों ने बहुत छोटे कंटेनरों (पेट्री डिशेस) में कोशिकाओं से चिपकने वाले कणों-कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन के वैरिएंट को पैदा किया। स्कैनिंग कर जाना गया कि किस बदलाव का क्या असर होगा।

वैज्ञानिकों ने इस तकनीक को म्यूटेशनल स्कैनिंग नाम दिया है। डा. ब्लूम और उनकी टीम ने 2020 में उस वक्त सक्रिय कोरोना वायरस के बदले स्वरूप एन501वाई का पता लगाया। महीनों बाद यह म्यूटेशन अल्फा वैरिएंट में पाया गया। डॉ. ब्लूम कहते हैं, यह कहना उचित होगा कि उनके साथियों ने अल्फा के उदय की भविष्यवाणी कर दी थी। वैसे, यह वायरस का एकमात्र म्यूटेशन नहीं था। फिर भी, वायरस के कुछ गिने-चुने स्वरूपों की जानकारी रिसर्च के लिए उपयोगी है। बोस्टन की एक कंपनी फ्लैगशिप लैब्स 77 ने इस रिसर्च से फायदा उठाया है। एमआरएनए टेक्नोलॉजी से कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली मॉडर्ना ने भी फ्लैगशिप में पैसा लगाया है।

वायरस के स्वरुप बदलने की पहले जानकारी देने के लिए एफएल 77 के शोधकर्ताओं ने डॉ. ब्लूम से मिले डेटा का परीक्षण किया है। इस जानकारी का उपयोग भावी वायरस की वैक्सीनों और इलाज के लिए जरूरी एंटीबॉडीज के विकास में किया जा सकता है। डॉ. ब्लूम की लैब ने केवल एक म्यूटेशन की भविष्यवाणी की है जबकि एफएल 77 ने पांच या छह म्यूटेशन का पता लगाया है। कंपनी अपने इस सिस्टम को ग्लोबल पेथोजन शील्ड (वायरस, बैक्टीरिया से बचाव की वैश्विक ढाल) कहती है। इसका ब्योरा गोपनीय रखा गया है। जून में उसने एक दस्तावेज में प्रोजेक्ट के लक्ष्य बताए थे।

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