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  • Public Intelligence Raised Hopes; Disclosure Of Wrongdoings Of Many Countries Including China, Russia 8 August 2021

ओपन इंटेलिजेंस:जनता के खुफिया तंत्र ने उम्मीदें जगाईं; चीन, रूस सहित कई देशों के गलत कारनामों का खुलासा

2 महीने पहले
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  • सूचना के खुले स्रोत तानाशाह सरकारों के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे

1990 और 2000 के दशक में उम्मीद जगी कि इंटरनेट खुलेपन और आजादी के लिए बड़ी ताकत होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। तानाशाह सरकारों ने टेक्नोलॉजी के सहारे अपनी पकड़ मजबूत बनाई। जानकारी का युद्ध के हथियार के समान उपयोग किया गया। इस निराशा के बीच जानकारी के खुले स्रोत के युग ने नई आशा जगाई है। नए सेंसर,कैमरे और सेटेलाइट धरती के चप्पे-चप्पे पर बारीकी से नजर रखते हैं। बुद्धिजीवियों, एक्टिविस्ट ऑनलाइन कम्युनिटी और स्लेक जैसे माध्यमों ने शौकिया लोगों और विशेषज्ञों के सामने जानकारी का खजाना पेश किया है। निजी संगठनों और लोगों ने चीन की परमाणु मिसाइलों के भंडार का भंडाफोड़ किया है। उइगुरों के दमन का खुलासा इस सिस्टम से हुआ है। रूस द्वारा मलेशियाई यात्री विमान गिराने का राज भी जनता के इंटेलीजेंस ने किया है। कई देशों के गोपनीय मिसाइल कार्यक्रम शोधकर्ताओं ने अपने बूते खोजे हैं।

स्वयंसेवी संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने म्यांमार में जनसंहार की जानकारी सैटेलाइट इमेज से हासिल की है। अवैध रूप से मछली मारने वाले जहाजों की ऑटोमैटिक पहचान नैनो सेटेलाइट से होती है। गैर पेशेवर जासूसों ने बच्चों के यौन शोषण के सुराग यूरोपियन यूनियन की पुलिस एजेंसी यूरोपोल को दिए हैं। हेज फंड भी अपनी कंपनी के अधिकारियों की प्राइवेट जेट से यात्राओं पर नजर रखते हैं। दुनियाभर में गैर पेशवर लोग इन अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखकर कंपनियों के विलय और अधिग्रहण की भविष्यवाणी करते हैं। सूचना के खुले स्रोतों से सिविल सोसायटी के हौसले बढ़े हैं। कानून का पालने कराने वाली एजेंसियां मजबूत हुई हैं। बाजार और कारोबार अधिक सक्षम हुआ है। गोपनीय जानकारी जुटाने का खुला सिस्टम दुनिया के सबसे ताकतवर देशों को नीचा दिखा सकता है।

छानबीन करने वाले ग्रुप बेलिंगकैट ने 2014 में यूक्रेन पर मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच17 को गिराने में रूस की भूमिका का भंडाफोड़ किया था। उसने रूसी जासूसों द्वारा इंग्लैंड में 2018 में पूर्व रूसी जासूस सर्जेई स्क्रिपाल की हत्या के प्रयास की जानकारी दी थी। बेलिंगकैट के फाउंडर एलियट हिगिंस अपने संगठन को जनता की जासूस एजेंसी बताते हैं। इसलिए आश्चर्य नहीं कि रूसी खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने अभी हाल में बेलिंगकैट के खिलाफ मोर्चा खोला है।

गोपनीय सूचना के खुले स्रोतों से उदार लोकतंत्र और अधिक ईमानदार होंगे। नागरिक केवल अपनी सरकार के भरोसे नहीं रहेंगे। कुछ लोग चेतावनी देते हैं कि सूचना के खुले स्रोतों से नुकसान भी हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। यह भी तर्क है कि सूचना के खुले स्रोत गलत जानकारी दे सकते हैं। झूठी जानकारियां फैलाने और साजिश रचने के लिए भी इन साधनों का इस्तेमाल हो सकता है। लोगों की प्राइवेसी को भी खतरा है।

शोधकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों ने कई रहस्य खोले

  • रिसर्चर डेकर एवेलेथ ने सेटलाइट तस्वीरों के माध्यम से चीन के गोबी रेगिस्तान में बन रहे बैलिस्टिक मिसाइल के 120 भंडारों का पता लगाया।
  • शोधकर्ता मेट कोर्डा ने शिनजियांग में उइगुरों के यातना शिविरों की खोज की थी।
  • जियो4नॉनप्रो नामक क्राउड सोर्स प्रोजेक्ट ने सेटेलाइट तस्वीरों से भारत की यूरेनियम खदानों और सीरिया के रासायनिक हथियारों पर नजर रखी है।
  • जनवरी 2020 में तेहरान के पास यूक्रेन के यात्री विमान के गिरने की घटना में ईरान का हाथ होने की जानकारी शोधकर्ताओं, जांचकर्ताओं और सिटीजन जर्नलिस्ट के ग्रुप बेलिंगकैट ने दी थी।
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