द इकोनॉमिस्ट:पढ़िए, द इकोनॉमिस्ट की चुनिंदा स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

2 वर्ष पहले
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1. कोरोना फैलने पर डर था कि दुनिया की अर्थव्यवस्था वर्षों तक मुश्किल में रहेगी, लेकिन अमेरिका ने इसे नकार दिया है। वह सहायता पैकेज के ईंधन से अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ा रहा है। इस दिशा में राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार का 13.81 लाख करोड़ रुपए का सहायता पैकेज नई पहल है। कैसे पीछे छूट जाएगा चीन और क्या है इसकी रूपरेखा, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

चीन को पीछे छोड़ देगा अमेरिका, 43 लाख करोड़ रुपए के सहायता पैकेज का कमाल, रिटेल बिक्री 7 फीसदी बढ़ी

2. कोविड से पहले हॉलीवुड पर बड़े बजट की फिल्मों का बुखार चढ़ा था। विश्व में 2019 की दस सबसे अधिक सफल फिल्में बड़े स्टूडियो ने बनाई थीं, लेकिन अब ब्लॉकबस्टर फिल्मों की कमी महसूस की जा रही है। 2020 की छह सबसे अधिक पैसा कमाने वाली फिल्में अंग्रेजी भाषा की नहीं थीं। इनमें पांच चीनी और एक जापानी फिल्म है। कौन सी फिल्मों ने बाजार बदला, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

साल 2020 की सर्वाधिक सफल छह फिल्मों में अंग्रेजी की एक भी नहीं, पांच चीनी और एक जापानी फिल्मों ने सबसे ज्यादा कमाई की

3. दुनियाभर में खरीदारों का नया वर्ग उभरकर सामने आ रहा है। यह पहले की तरह अमेरिका पर केंद्रित नहीं है। अब एशियाई देशों के खरीदारों का बोलबाला है। महामारी के बीच ऑनलाइन खरीदारी बढ़ी है, लेकिन शॉपिंग मॉल और स्टोर में फिर कंज्यूमर आने लगे हैं। पिछले साल विश्व में ई-कॉमर्स से 30.57 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। दूसरी ओर कुल कंज्यूमर खर्च 473 लाख करोड़ रुपए रहा। दुनिया भर में क्या हैं स्टोर्स के हालात, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

ऑनलाइन बिजनेस बढ़ा पर शॉपिंग मॉल-स्टोर में भी लोग लौटे, 2020 में कंज्यूमर खर्च 473 लाख करोड़ रुपए रहा

4. काबुल में प्लास्टिक सर्जन अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिलती हैं। कहा जाता है, वे ईश्वर की रचना में बदलाव कर इस्लामी कानूनों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन पर इस्लाम के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। अफगानिस्तान में डॉक्टर्स कितने असुरक्षित हैं, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

अफगानिस्तान में अपहर्ताओं के निशाने पर आए प्लास्टिक सर्जन, डॉक्टरों पर इस्लामी कानून की अनदेखी का आरोप