द इकोनॉमिस्ट:पढ़िए, द इकोनॉमिस्ट की चुनिंदा स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

एक महीने पहले
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1. प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत पांच वर्षों में 122 शहरों में प्रदूषण को 30% तक कम करने की योजना बनाई है। फिर भी कुछ मामलों में अभी बहुत काम किए जाने की जरूरत है। सरकार का कोयले पर खासतौर पर नरम रुख रहा है। देश में अब भी 70% बिजली उत्पादन कोयले से होता है और 10% पार्टिकुलेट प्रदूषण के लिए यही जिम्मेदार है। कोयले का इस्तेमाल समस्या क्यों है, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

कार्बन उत्सर्जन रोकने के भारत के प्रयास सराहनीय, पर कोयले का इस्तेमाल समस्या

2. हवाईजहाजों में जीवाश्म ईंधन की जगह बैटरी जैसे हरित स्रोत इस्तेमाल करना फिलहाल मुश्किल है क्योंकि बैटरी बहुत भारी होती हैं। इसलिए जहाजों में फिलहाल हायड्रोकार्बन ईंधन का इस्तेमाल लंबे समय तक होता रहेगा। ‘नेचर’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक स्विट्जरलैंड के तकनीकी विश्वविद्यालय ईटीएच ज्यूरिख के वैज्ञानिक एल्डो स्टीनफेल्ड और उनके सहयोगियों ने ऐसी तकनीक खोजी है, जिससे हवा से ही हवाईजहाज का ईंधन बनाया जा सकता है। क्या है तकनीक जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

एयरोप्लेन के लिए हवा से ईंधन बनाने की नई तकनीक ईजाद

3. अमेरिका में नागरिकों के हथियार रखने का चलन नया नहीं है। एफबीआई के मुताबिक 2019 की तुलना में 2020 में बंदूक की खरीदारी में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह पिछले 20 वर्षों में सबसे ज्यादा बढ़त है। शिकागो यूनिवर्सिटी द्वारा 2700 लोगों पर किए गए एक अन्य सर्वे में सामने आया है कि पिछले कुछ समय में नई बंदूक खरीदने वाले अमेरिकियों में ज्यादातर पुरुष, श्वेत, कम साक्षर और कंजर्वेटिव (रूढ़िवादी) हैं। क्यों बढ़ रहे हैं हथियार खरीदने वाले, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख...

महामारी के कारण अमेरिका में बंदूक खरीदने वाले 40 प्रतिशत बढ़े

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