ट्यूशन का बढ़ता ट्रेंड:दुनियाभर में ट्यूशन बढ़ी, जापान में 90 फीसदी बच्चे इसके दायरे में

6 दिन पहले
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कई देशों में स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। इसलिए महीनों स्कूल बंद होने के नुकसान अब सामने आने लगे हैं। कंसल्टेंसी मेकिंसे के अनुसार अमेरिका में प्रायमरी स्कूलों के बच्चे गणित में पांच माह और रीडिंग में चार माह पिछड़ गए हैं। वैसे, महामारी से पहले कई देशों में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाई जा रही थी। विशेषज्ञों का अनुमान है, कोरोना संकट से यह ट्रेंड और अधिक बढ़ेगा।

ट्यूशन का कारोबार पूर्व एशिया में बहुत बड़ा है। दक्षिण कोरिया में प्रायमरी स्कूल के 80% और जापान में 90 % बच्चे किसी न किसी समय ट्यूशन पढ़ते हैं। ग्रीस में स्कूल छोड़ने वाले अधिकतर बच्चे बताते हैं कि वे ट्यूशन पढ़ते थे। मिस्र में पहली के एक तिहाई बच्चे ट्यूशन पढ़ चुके हैं। महामारी से पहले ट्यूशन इंडस्ट्री अमीर और गरीब देशों में फल-फूल रही थी। इंग्लैंड, वेल्स में 2005 में 18% बच्चे टूयूशन पढ़ते थे, यह संख्या 2019 में 27 % हो गया। जर्मनी में वर्ष 2000 में 27% से आंकड़ा बढ़कर 2013 में 40% हो गया था।

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