यूके में वोटर्स का सर्वे:ब्रिटेन में भारतीय मूल के वोटरों का महत्व बढ़ रहा

17 दिन पहले
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  • सत्ताधारी टोरीज के मुकाबले लेबर पार्टी का अब भी ज्यादा प्रभाव

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, मैं यहां कई बार आ चुका हूं। यह बात उन्होंने 7 नवंबर को उत्तर लंदन में एक हिंदू मंदिर की यात्रा के समय की। ‌वे दीपावली के अवसर पर गृहमंत्री प्रीति पटेल के साथ वहां गए थे। वे 2019 के चुनाव से पहले भी मंदिर गए थे। उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री थेरेसा मे और डेविड केमरॉन भी वहां गए थे। ये यात्राएं ब्रिटेन में भारतीय वोटरों के बढ़ते महत्व की झलक दिखाती हैं। भारतीय मूल के वोटरों को लुभाने के लिए कंजरवेटिव पार्टी (टोरीज) के प्रयासों की ओर इशारा करती हैं।

कंजरवेटिव पार्टी के मुकाबले लेबर पार्टी को अब भी ब्रिटिश भारतीयों का समर्थन दस प्रतिशत अधिक है। वे जॉनसन की तुलना में लेबर नेता सर कीर स्टार्मर को ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन,इधर लेबर पार्टी की ऐतिहासिक बढ़त में सेंध लगी है। कंजरवेटिव पार्टी की स्थिति यथावत है। 18 नवंबर को जारी कार्नेगी एनडोमेंट और जॉन्स हॉपकिंस एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज स्कूल की स्टडी के अनुसार तीसरी पार्टियों से जुड़े या किसी का समर्थन न करने वाले ब्रिटिश भारतीयों की संख्या बढ़ रही है।

युवा ब्रिटिश भारतीयों, गरीबों और बिना डिग्री वाले लोगों का झुकाव लेबर पार्टी की ओर अधिक है। बुजुर्ग,अमीर और अधिक शिक्षितों का झुकाव टोरीज की ओर है। भारत से आए लोगों की पुरानी पीढ़ी और उनके बच्चों के लेबर पार्टी और अभी हाल में पहुंचे लोगों के टोरीज का समर्थन करने की संभावना अधिक है। स्टडी के सहलेखक देवेश कपूर का मानना है कि मुसलमानों, सिखों के मुकाबले हिंदुओं और ईसाइयों के बीच टोरीज को अधिक समर्थन है।

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