सोसायटी:कई अरब देशों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का वजन ज्यादा

20 दिन पहले
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  • सामाजिक परिस्थितियां वजन घटाने के लिए अनुकूल नहीं

60 वर्ष की जैनब बगदाद के एक रेस्तरां में सब्जियां साफ करती हैं। वे हर दिन 13.70 डॉलर कमाती हैं। लेकिन, इस धनराशि से भी परिवार के लिए रात का खाना तक जुटाना मुश्किल है। अधिक फीस के कारण उनकी बेटियों को स्कूल छोड़ना पड़ा है। जैनब को रेस्तरां मालिक द्वारा छोड़ा गया तेल से भरपूर भोजन करना पड़ता है। सप्ताह में केवल एक दिन गुरुवार को उन्हें फल, सब्जियां नसीब होती हैं। उस दिन पड़ोसी उन्हें खाना दान करते हैं। जैनब का वजन 120 किलो हैे। जैनब की चारों बेटियां बड़ी हैं। उनका वजन भी बढ़ने की आशंका है। पुरुषों की प्रताड़ना और छेड़छाड़ के भय से वह उन्हें काम पर नहीं भेजती है। दुनियाभर में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अधिक मोटी हैं। 15% महिलाओं और 11% पुरुषों के लिए मोटापा एक समस्या है। उनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 या उससे अधिक है। लेकिन मोटापे का अंतर दुनिया भर में अलग-अलग है। मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका में महिला-पुरुष के बीच अंतर सबसे अधिक है। मध्य पूर्व में 16% पुरुषों के मुकाबले 26% महिलाएं मोटी हैं। यह खतरनाक हो सकता है। 2019 में आठ अरब देश उन 11 देशों में शामिल थे जिनमें मोटापे (दिल की बीमारी, डायबिटीज, हाईब्लड प्रेशर) के कारण मौतों की संख्या सबसे अधिक रही।

खाड़ी देशों में तो घर में कड़ी मेहनत के कई काम विदेशी करते हैं। अरब देशों में महिलाओं को खेलों में हिस्सा लेने के कम मौके मिलते हैं। हिजाब और अन्य पहनावा महिलाओं के लिए ए्क्सरसाइज में बाधक है। सड़क पर टहलने वाली महिलाओं पर फिकरे कसे जाते हैं। बड़े शहरों तक सीमित एयरकंडीशंड मॉल और केवल महिलाओं के कुछ जिम में एक्सरसाइज, चहलकदमी हो पाती है।

मिस्र में अमीरों की तुलना में गरीब महिलाएं अधिक मोटी हैं। अमीर परिवार अपनी लड़कियों को बाहर भेजने में अधिक सहज महसूस करते हैं। फिर भी, कुछ पेसिफिक द्वीपों को छोड़कर दुनिया के किसी अन्य देश के मुकाबले मिस्र की महिलाओं का बीएमआई सबसे अधिक है। इसका मुख्य कारण आहार है। मिस्र में लोगों को 30% कैलोरी ब्रेड से मिलती है। 1975 के बाद से अरब महिलाओं का वजन ज्यादा होने की दर अरब पुरुषों से अधिक रही है। इस बीच जंक फूड का प्रचलन भी बढ़ा है।
केवल 20 प्रतिशत महिलाएं नौकरी करती हैं
विश्व बैंक के अनुसार अरब देशों में केवल 20 प्रतिशत महिलाएं नौकरी करती हैं। इराक में यह संख्या दस में से एक है। मतलब अधिकतर अरब महिलाएं घर में अधिक समय गुजारती हैं। उनकी शारीरिक गतिविधि अधिक नहीं हो पाती है। अन्य इलाकों में महिलाएं अस्पतालों, स्कूल, कॉलेजों और रेस्तराओं में बड़ी संख्या में काम करती हैं। लेकिन, अरब देशों में ऐसे कई जॉब पुरुष करते हैं।

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