टिप्स:स्वयं से पूछें - जो काम आप कर रहे हैं, क्या वो आपको ऊर्जा दे रहा है?

9 महीने पहले
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  • वर्क-लाइफ बैलेंस कैसे बनाएं?

बिना ब्रेक लिए लगातार लंबे समय तक काम करना कर्मचारी और लीडर दोनों के लिए ठीक नहीं है। लेकिन फिर भी कई प्रोफेशनल्स आदत से मजबूर होकर इस बात को नज़रअंदाज करते हैं। वो क्या है जो सेहत के लिए हानिकारक वर्क पैटर्न से छुटकारा दिलवा सकता है और वर्क लाइफ बैलेंस बनाने में मदद कर सकता है। हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू ने चार उपाय बताए हैं।

शांत बैठकर खुद से पूछें ये अहम सवाल

जब काम से थक कर अकेले में शांत बैठे हों तो खुद से कुछ सवाल जरूर करें। सवाल करें कि वो क्या है जिसकी वजह से आप लगातार तनाव महसूस कर रहे हैं? वो क्या है जिसकी वजह से आप संतुष्ट ही नहीं हो पा रहे हैं? यह समझने की कोशिश करें कि आखिर ये परिस्थितियां किस तरह आपके व्यक्तिगत जीवन पर प्रभाव डाल रही हैं। किन चीजों को आप प्राथमिकता दे रहे हैं, किन चीजों को त्याग रहे हैं।

वो क्या चीजें हैं जिन्हें आप बदलना चाहते हैंं

किसी भी समस्या का हल निकालने की जल्दबाजी ना करें और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले अपने काम और जीवन पर एक बार गौर जरूर करें। अब अपनी प्राथमिकताओं को अपने काम और जीवन से जोड़ने की कोशिश करें। क्या आपके काम के बारे में कुछ ऐेसी चीजें हैं जिन्हें आप अभी बदलना चाहते हैं? यह भी तय करने की कोशिश कीजिए कि आखिर कितना समय आप अपने परिवार को देना चाहते हैं और कितना अपने शौक पूरे करने के लिए अलग रखना चाहते हैं?

अपनी भावनाओं को समझने का प्रयास करें

अपनी भावनाओं पर भी ध्यान दें। यह जानने की कोशिश करें कि आज जिस भी परिस्थिति में आप हैं, क्या उससे आप वाकई खुश हैं? क्या अपनी वर्तमान वर्क-लाइफ से आप संतुष्ट हैं? यह भी विचार करें कि अभी जो जीवन आप जी रहे हैं क्या वो आपको ऊर्जा दे रहा है? क्या वो आपको खुशी दे रहा है? क्या आपको हर तरह से तृप्त कर रहा है? या फिर इस जीवन से आप खुश नहीं हैं? नाराज़ हैं, उदास हैं, परेशान हैं?

बदलाव सार्वजनिक या व्यक्तिगत हो सकते हैं

अब बदलाव पर अमल करने का वक्त है। यह बदलाव सार्वजनिक भी हो सकता है और व्यक्तिगत भी। यह भी हो सकता है कि इससे आपके साथियों की आपसे उम्मीदें पूरी तरह बदल जाएं। जैसे- आपका अचानक ही एक नई जिम्मेदारी ले लेना जिसमें समय जरूरत से ज्यादा नहीं देना पड़ता हो या फिर कोई व्यक्तिगत बदलाव जिसमें अनौपचारिक रूप से ही आपके काम करने के तरीकों में बदलाव नज़र आए, आप अपने साथियों की उम्मीदों को भी बनाए रखें। उनकी उम्मीदों को बदलने ही न दें।

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