सेल्फ हेल्प:बीती घटना को बदल नहीं सकते, आगे बढ़ें

16 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • किताबों से जानिए क्यों खुद से कहना जरूरी है कि जो कुछ भी होता है अच्छे के लिए ही होता है। यह भी कि दिमागी काम के लिए आदर्श समय तो सुबह का ही है...

जो होता है, अच्छे के लिए ही होता है

परेशानी की स्थिति में भी पॉजिटिव मेंटल एटिट्यूड बनाए रखने और इसके विकास में मदद का एक सरल तरीका यह है कि आप यह समझ लें कि जो हो गया वह हो गया। बीती घटना को आप बदल नहीं सकते। लेकिन जो वर्तमान में है या भविष्य में होने वाला है, उसे प्रभावित कर सकते हैं। खुद से कहिए कि जो कुछ भी होता है अच्छे के लिए ही होता है। (पॉजिटिव थिंकिंग)

'दृढ़ता' ही शीर्ष तक लेकर जाएगी

दृढ़ता का कोई विकल्प नहीं है। इस गुण का स्थान और कोई गुण नहीं ले सकता। दृढ़ता का स्वभाव आपको शुरुआत में दुख देगा, आपको चलना मुश्किल लग सकता है। जिन लोगों के पास दृढ़ता है वो विफलता में भी आनंदित दिखते हैं। कोई बात नहीं कि वे कितनी बार हार रहे हैं, लेकिन अंत में वे शीर्ष की ओर जरूर पहुंचते हैं। (थिंक एंड ग्रो रिच)

बार-बार प्रयास करें तो सफल होंगे

पुन: प्रयास न करने का मतलब है कि आपने सफल होने का विचार त्याग दिया है। या आपके भीतर मेहनत करने का हौसला नहीं है। जो पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाते हैं उन्हें पुन: प्रयास करना होगा। यह प्रयास पहली बार की गई गलतियों को सुधारने के बाद दोगुने उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ करना होगा। (जीतना है तो जिद करो)

काम के लिए सुबह का समय आदर्श है

सुबह काम करना सबसे अच्छा है। इस समय काम की गति तेज रहती है क्योंकि शरीर और दिमाग दोनों ही तरोताजा होते हैं। रात को वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है। इसलिए दिमाग भी कम चलता है। दिमागी काम के लिए रात का समय कभी आदर्श नहीं होता। काम के लिए आदर्श समय तो सुबह का ही है। (टाइम मैनेजमेंट)

खबरें और भी हैं...